मिडिल-ईस्ट तनाव, ट्रैवल सेक्टर को रोज ₹5500 करोड़ का नुकसान:घरेलू ट्रैवल बढ़ने की उम्मीद, दुबई नहीं जा पा रहे तो कोच्चि-पुरी की पूछताछ 200% बढ़ी

ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले और मिडिल-ईस्ट में ईरान के हमलों के चलते टूरिस्म इंडस्ट्री को बहुत नुकसान हो रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) का अनुमान है कि ईरान संघर्ष के कारण दुनियाभर के टूर एंड ट्रैवल सेक्टर को रोजाना करीब 5,500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

भारत से बाहर जाने वाले करीब आधे यात्री यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान जैसे देश जाते हैं। इनमें से भी करीब 40 फीसदी घूमने के लिए जाते हैं। अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड, मलेशिया, जापान जैसे देशों के लिए पूछताछ कर रहे हैं।

एयरलाइंस के किराया बढ़ाने के बाद भी बहुत सारे टूरिस्ट कोच्चि, पुरी, अंडमान जैसे घरेलू स्थानों को तरजीह दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में घरेलू स्थानों के लिए पूछताछ में करीब 200% की बढ़ोतरी देखी गई है।

2026 घरेलू पर्यटन के लिए अच्छा साबित हो सकता है

दिल्ली स्थित ट्रैवल कंपनी टीमवन हॉलिडेज की प्रवक्ता अनीशा शर्मा के मुताबिक, ‘फिलहाल खाड़ी देशों की यात्रा के लिए लगभग 100% तक कैंसिलेशन देखने को मिल रहे हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है तो 2026 भारत के घरेलू पर्यटन के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है। यात्री देश के नजदीकी और विविध पर्यटन स्थलों को खोज रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्लेटफॉर्म पिकयोरट्रेल के सीईओ हरि गणपति के मुताबिक मिडिल-ईस्ट क्षेत्र की बुकिंग में 60% तक की गिरावट आई है।

मेकमाईट्रिप के को-फाउंडर राजेश मागो कहते हैं- यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो लोग घरेलू गंतव्यों या अप्रभावित अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं।’

वहीं ईज माईट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी का कहना है- ’थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव और जापान जैसे देशों के लिए बुकिंग में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। घरेलू पर्यटन लगातार मजबूत बना हुआ है।’

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