यमुनानगर में तीन व्यापारियों से 82 लाख हड़पे:भारत में बताया स्टोन क्रशर भूटान का निकला, पश्चिम बंगाल का आरोपी

यमुनानगर जिले के तीन बिजनेसमेन से भारत-भूटान बॉर्डर पर स्टोन क्रशर दिलाने के नाम पर करीब 82 लाख रुपए ठग लिए गए। तीनों पीड़ित आपस में दोस्त हैं। पश्चिम बंगाल के आरोपी ने तीनों को जिस स्टोन क्रशर को दिलाने का दावा किया था, काेराेना टाइम में जब जांच की, तो वह भूटान में निकला।

पीड़ितों का आरोप है कि अब जब वह आरोपियों से अपनी रकम वापिस मांग रहे हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने तीनों की शिकायत पर आरोपी अतुल चावला निवासी जयगांव, पश्चिम बंगाल और संजीव कुमार निवासी शास्त्री कॉलोनी यमुनानगर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पश्चिम बंगाल में करता है व्यापार

यमुनानगर सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में जनक राज चावला, मनोज कुमार मेहंदीरत्ता निवासी मॉडल टाउन और सरबजीत सिंह निवासी गांव मंडेबर ने बताया कि वे तीनों अच्छे दोस्त हैं। आरोपी अतुल चावला सरबजीत के भाई गुरचरण के साथ कॉलेज में पढ़ता था और उसका सरबजीत के घर भी आना-जाना रहता था।

दूसरा आरोपी संजीव कुमार, अतुल चावला का साला है और उसका ट्रांसपोर्ट का काम है। वह मनोज कुमार मेहंदीरत्ता के ट्रांसपोर्ट से जुड़े कार्य भी किया करता था। इन सब कारणों से उन तीनों की इन दोनों व्यक्तियों के साथ अच्छी जान-पहचान हो गई थी।

स्टोन क्रशर दिलाने का दिया लालच

अतुल चावला पिछले काफी सालों से जयगांव, पश्चिम बंगाल में रह रहा है, जहां वह पन्नाजी हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल के नाम से व्यापार करता है। यमुनानगर में उसका विवाह होने के कारण उसका अक्सर यमुनानगर आना-जाना लगा रहता था। 2019 में संजीव कुमार ने उन्हें अपने जीजा अतुल चावला का एक शानदार बिजनेस प्रस्ताव दिया था।

अतुल चावला ने चामोरची (भारत-भूटान बॉर्डर) क्षेत्र में एक पुराना स्टोन क्रशर मात्र कुछ करोड़ में दिलवाने का लालच दिया, जबकि इसकी असली कीमत कई गुना ज्यादा बताई।

82 लाख रुपए से ज्यादा राशि ठगी

आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को कई बार जयगांव बुलाया, स्टोन क्रशर दिखाया और हिसाब-किताब की रजिस्टर तक दिखाकर विश्वास जीता। पीड़ितों ने मई 2019 से नवंबर 2019 के बीच कुल 82 लाख 68 हजार 945 रुपए नकद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से आरोपियों को दिए।

अधिकांश राशि संजीव कुमार ने यमुनानगर में नकद ली, जबकि कुछ रकम सीधे अतुल चावला के फर्म “पन्नाजी हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल” के खाते में RTGS की गई। इसके बाद आरोपी उन्हें विश्वास दिलाते रहे की स्टोन क्रशर उनका हो चुका है।

रकम वापिस मांगने पर मारने की धमकी

कोरोना काल में जब उन्होंने जांच पड़ताल की तो पता चला कि दिखाया गया स्टोन क्रशर भारत में नहीं, बल्कि भूटान की सीमा में है और वहां भारतीय नागरिक न तो जमीन खरीद सकते हैं और न ही ऐसा कारोबार चला सकते हैं। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से अपनी रकम वापिस मांगी। पहले वे टालमटोल करते रहे, फिर पैसे लौटाने के नाम पर अतुल चावला की कार गुरचरण को दे दी और कहा कि 25 लाख रुपए इसमें से एडजस्ट कर लेना।

इसके बाद आरोपियों ने उनके फोन उठाना बंद कर दिए। जब पीड़ितों ने सख्ती की, तो आरोप है कि संजीव कुमार ने उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

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