यूडीएच मंत्री के सामने लॉटरी में हंगामा:ST कोटे में दूसरों के नाम निकलने पर फूटा लोगों का गुस्सा; खर्रा बोले-1 महीने में होगी जांच

भीलवाड़ा में रियायती आवासीय भूखंड योजना की लॉटरी के दौरान UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा की मौजूदगी में लोगों ने हंगामा कर दिया। ST कोटे में दूसरे वर्ग के लोगों के नाम निकलने पर यह विवाद हुआ।

हंगामे को देखकर यूडीएच मंत्री ने कहा- 1 महीने के अंदर लॉटरी प्रक्रिया की जांच पूरी होगी। जिन लोगों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उनको ही आवंटन पत्र जारी होगा। वहीं जिन लोगों के दस्तावेज सही नहीं पाए जाएंगे, उनके आवेदन निरस्त किए जाएंगे।

मंत्री ने कहा- अगर किसी ने गलत दस्तावेज चाहे जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र या कोई भी दस्तावेज गलत प्रस्तुत किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

3081 प्लॉटों के लिए मिले थे 88 हजार से ज्यादा आवेदन

दरअसल, भीलवाड़ा नगर निगम टाउन हॉल में गुरुवार को यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने यूआईटी के 3081 प्लॉटों के लिए लॉटरी निकाली। इसके लिए कुल 88 हजार 239 आवेदन मिले थे। इस लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने जयपुर विकास प्राधिकरण की 3 सदस्यीय टीम भी पहुंची थी।

ST कोटे में अन्य वर्ग के लोगों के नाम खुलने पर हंगामा

लॉटरी के दौरान ST कोटे में अन्य वर्ग के लोगों के नाम खुलने पर टाउन हॉल में मौजूद आवेदकों ने आपत्ति की। इनका कहना था- जब ST के लिए निर्धारित कोटा है और लॉटरी के फॉर्म की चेकिंग की गई है तो इस कोटे में दूसरे समाज के लोगों के नाम कैसे निकले। इस पर काफी देर तक टाउन हॉल में अधिकारियों की समझाइश के बाद लोग माने, लेकिन कुछ आवेदक लॉटरी निरस्त करने की मांग को लेकर हंगामा करते रहे।

लॉटरी को निरस्त करने की मांग

लोगों ने हंगामा किया और लॉटरी निरस्त करने की मांग की। लॉटरी में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि जब यूआईटी ने फॉर्म चेक करने के लिए इतना टाइम लिया तो फिर गड़बड़ियां कैसे निकली। साथ ही लोगों ने कहा- प्रकिया के दौरान जो भी गड़बड़ियां सामने आ रही है, उनका इसी समय पर निस्तारण किया जाए और लॉटरी को स्थगित किया जाए।

कलेक्टर बोले- डॉक्यूमेंट्स का फिर से वेरिफिकेशन करेंगे

लॉटरी में हंगामे को लेकर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने कहा- जो भी आपत्तियां जिस-जिस कैटेगरी में आई है, हम उन कैटेगरी के सभी सब्मिट डॉक्यूमेंट का दोबारा वेरिफिकेशन करवाएंगे। यदि किसी भी टेक्निकल कारण से कोई भी मिस्टेक हुई है तो उसे क्लियर करवाई जाएगी। यूआईटी लॉटरी के बाद तभी प्लॉट अलॉट करेगी, जब पूरी कंडीशन चेक होगी।

8 योजनाओं में 3081 भूखंडों का होगा आवंटन

यूआईटी की 8 योजनाओं में 3081 भूखंडों के लिए 88 हजार 239 आवेदन लॉटरी में आए। सबसे ज्यादा आवेदन EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) श्रेणी में 321 प्लॉट के लिए 21,877 लोगों ने किए। LIG (निम्न आय वर्ग) में 261 भूखंडों के लिए 8421 आवेदन और एमआईजी-ए श्रेणी में 1470 भूखंडों के लिए 40,560 आवेदन आए। एमआईजी-बी श्रेणी में 687 भूखंडों के लिए 10,080 आवेदन आए।

दोपहर 2 बजे सम्पन्न हुई लॉटरी प्रक्रिया

सुबह 10 बजे लॉटरी प्रक्रिया शुरू करनी थी, लेकिन 10:30 बजे प्रक्रिया शुरू हुई। करीब 11.15 से नाम निकलने शुरू हुए। गड़बड़ी सामने आने पर दोपहर 12.15 लोगों ने हंगामा कर दिया। करीब 1 घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान लॉटरी प्रकिया भी चलती रही। दोपहर 2 बजे लॉटरी प्रक्रिया का समापन हो गया।

पारदर्शिता के लिए यूट्यूब पर किया सीधा प्रसारण

लॉटरी में पारदर्शिता के लिए पूरी प्रक्रिया का यू-ट्यूब पर सीधा प्रसारण किया गया। दूर-दराज के आवेदकों ने ऑनलाइन प्रक्रिया देखी। टाउन हॉल में एक बड़ी एलईडी स्क्रीन, कॉरिडोर और निगम परिसर में 2 एलईडी स्क्रीन लगाई गई। ई-लॉटरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।

सफल आवेदकों की सूची पोर्टल पर, असफल को 15 दिन में रिफंड

सफल आवेदकों की सूची पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें आवेदन नंबर, आवेदक का नाम, पिता का नाम, भूखंड संख्या और योजना का नाम शामिल होगा। असफल आवेदकों के अकाउंट में लॉटरी निकलने के 15 दिन में राशि रिफंड कर दी जाएगी।

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