अमृतसर गोल्डन टेम्पल स्थित श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में आयोजित ‘खालसा-मार्च’ का शुभारंभ, शहीदों की याद में समर्पित एक विशाल उपक्रम के रूप में किया गया। यह मार्च भाई तारा सिंह वां और उनके साथी सिखों की 300वीं शहादत को याद करते हुए आयोजित किया गया है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी और पंच प्यारों की अगुवाई में यह खालसाई मार्च तीन दिनों तक अलग-अलग गांवों और शहरों से होकर गुजरेगा।
तीन दिन चलेगा खालसाई नगर कीर्तन
पहले दिन यानी आज जे नगर कीर्तन अमृतसर के कई स्थानों से गुजरते हुए गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब में रात्रि विश्राम करेगा। दूसरे दिन यात्रा आगे बढ़ते हुए अलग-अलग गांवों से गुजरकर गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह शहीद, पहूविंड में रुकेगी। तीसरे दिन 11 मार्च को यह नगर कीर्तन दराजके, पहलवानके और माड़ी उधोके होते हुए वां गांव स्थित गुरुद्वारा शहीद भाई तारा सिंह जी पहुंचकर संपन्न होगा।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि इस खालसाई मार्च का उद्देश्य सिख नौजवानों को सिखी और गौरवशाली सिख इतिहास से जोड़ना है। साथ ही गुरु साहिब के सच्चे संदेश को समाज तक पहुंचाना और लोगों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक करना भी इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने संगत से अपील की कि इस पवित्र नगर कीर्तन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सहयोग दें।