फतेहाबाद में नेताओं के फोन से परेशान होकर बिजली विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) ने लेटर जारी कर सिफारिश न करवाने के आदेश जारी कर दिए। साथी ही चेतावनी भी दी, अगर किसी कर्मचारी ने आदेशों का पालन नहीं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) में तैनात कर्मचारी अपने ट्रांसफर के लिए नेताओं से फोन कराते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लेटर की कापी फतेहाबाद और टोहाना के एक्सईएन को भी भेज दी।
सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ने आदेश में लिखा…
कर्मचारियों का ट्रांसफर ऑनलाइन प्रक्रिया से ही होगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति या राजनेता के फोन कराने पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
2 पॉइंट में जानिए… आदेशों में क्या कहा गया
- इस ऑफिस से ट्रांसफर नहीं किया जा सकता: बिजली निगम के एसई की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि निगम में लागू ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के तहत किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर करने का अधिकार इस ऑफिस को नहीं है। साथ ही एचकेआरएन नीति के तहर भर्ती कर्मचारियों का ट्रांसफर भी यहां से नहीं किया जा सकता।
- किसी प्रभावशाली व्यक्ति का फोन न कराए: आदेश में हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) 2016 के नियम 26 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने सेवा संबंधी मामलों ट्रांसफर या पदोन्नति के लिए राजनीतिक या अन्य प्रभाव का प्रयोग नहीं करेगा। ऐसा करने पर उसके खिलाफ डिपॉर्टमेंटल कार्रवाई की जाएगी।
अब पढ़िए क्यों दिए गए ऐसे आदेश…
- कर्मचारी लगवा रहे सिफारिश: लेटर में कहा गया है कि इन नियमों के बावजूद कुछ कर्मचारियों द्वारा स्थानांतरण आदेश रुकवाने या बदलवाने के लिए राजनीतिक या प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क किया जा रहा है। विभाग को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, ये सरकार और निगम की नीतियों का उल्लंघन है।
- चहेती जगहों पर पोस्टिंग के लिए फोन: एसई ने टोहाना और फतेहाबाद के एक्सईएन को लेटर भेजकर कहा कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए। बिजली विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एचकेआरएन नीति से भर्ती हुए कुछ कर्मचारी अधिकारियों पर ट्रांसफर का दबाव बनाते हैं। नेताओं से फोन कराकर अपने चहेती जगहों पर भी पोस्टिंग कराने का दबाव बनाते हैं।
नोटिस बोर्ड पर भी निर्देश लगाने को कहा
एसई के लेटर में यह भी कहा गया है कि आदेशों को नोटिस बोर्ड और आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी कर्मचारियों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी न हो।