जालोर की कनकांचल पहाड़ी पर स्थित सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोमवार को महायज्ञ हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुति देकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज है, जिसने वीरांगनाओं के आत्मसम्मान और बलिदान की गौरवगाथा को अमर किया। योगी ने सिरे मंदिर की बारीक कारीगरी को अद्भुत बताते हुए कहा – महाराजा मानसिंह ने शिलालेखों के माध्यम से यहां के इतिहास को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
मंदिर पहुंचने से पहले रास्ते में योगी ने बंदरों को खाना खिलाया। इसका जिक्र करते हुए कहा- बंदरों की तरह से लोभ से बचना भी साधना है।
सीएम योगी के भाषण की 5 बड़ी मुख्य बातें
1. जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज योगी ने कहा कि जौहर राजस्थान की परंपरा का तेज है। इसमें राजस्थान की वीरांगनाओं के तेज से शत्रु को जलाने और दुश्मन को परास्त करने का सामर्थ्य हासिल किया गया। अलाउद्दीन खिलजी के समय चित्तौड़गढ़ में महारानी पद्मिनी ने वीरांगनाओं के साथ जौहर किया था।
2. जालोर में भी दिखी जौहर की परंपरा उन्होंने कहा कि जालोर में भी अलाउद्दीन खिलजी के समय और उसके बाद भी जौहर की परंपरा देखने को मिली है। यह परंपरा वीरों और वीरांगनाओं के बलिदान से बनी है। यह अन्नदाताओं के परिश्रम और कारीगरों की उद्यमिता का परिणाम भी है।
3. सिरे मंदिर की कारीगरी दुर्लभ और अद्भुत योगी ने कहा कि सिरे मंदिर में बारीक कारीगरी की गई है, जो दुर्लभ है। दुनिया इसे देखने आती है। यह कला अद्भुत है और ईश्वर की देन है। जोधपुर के महाराजा नरेश मानसिंह ने शिलालेखों पर इतिहास को सहेजा है। उस समय मानसिंह ने 3 लाख 51 हजार रुपए खर्च किए थे, जो आज के समय में करोड़ों रुपए के बराबर हैं।
4. लोभ से बचना भी साधना योगी ने कहा कि मंदिर में आते समय उन्हें बताया गया कि यहां बंदरों का चौराहा है। बड़ी संख्या में बंदर वहां आ गए थे। हम देखते हैं कि बंदर छीना-झपटी करते हैं, लेकिन शालीनता के साथ। हमने एक बंदर को रोटी दी, उसे दूसरी दे रहे थे, लेकिन उसने दूसरी नहीं ली जब तक उसने पहली खा नहीं ली।
अगर मनुष्य भी अपने जीवन में हड़पने और संचय करने की बजाय, जिसके पास नहीं है उसके पास पहुंचाने का भाव रख ले तो अशांति का भाव दूर किया जा सकता है। अराजकता को दूर किया जा सकता है। लोभ से बचना भी साधना है।
5. नशे और स्मार्टफोन से दूर रहने की सलाह योगी ने कहा कि योग करें, व्यायाम करें, इससे जीवन व्यवस्थित होगा और आगे बढ़ेगा। स्मार्टफोन से समय भी खराब होता है और आंखें भी खराब होती हैं। इससे सोचने की शक्ति भी कमजोर होती है। लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं और गेम जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। नशा और स्मार्टफोन से दूर रहने की जरूरत है। स्मार्टफोन का सीमित उपयोग करें, परिवार को समय दें, और पूजा तथा भोजन के समय फोन को दूर रखें। फ्री होने के बाद कॉल कर लें।
5 किलो के फूलों के हार से किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति और शहर के लोगों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया गया। मंच पर उन्हें करीब 5 किलो फूलों से बने बड़े हार पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान बाबा बालकनाथ महाराज, भैरूनाथ अखाड़े के गादीपति व सिरे मंदिर के पीर गंगानाथ महाराज, संत आनंदनाथ महाराज, ईश्वरनाथ महाराज, सोनाणा खेतलाजी के महंत विक्रमनाथ, सीकर के फतेहपुर के नरहरी महाराज, पाली के पिपलिया कला के संत व पूर्व राजा संध्यानाथ महाराज समेत राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग सहित बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे।
दूसरे दिन भी जालोर दौरे पर योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जालोर दौरे के दूसरे दिन भी सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। वे सुबह करीब 9.15 बजे मंच पर पहुंचे और इस दौरान करीब 40 मिनट तक सभा को संबोधित किया। उन्होंने महायज्ञ में भाग लेने के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब 12.30 बजे सिरे मंदिर रोड स्थित आदर्श बालिका स्कूल में बने हेलीपैड पर पहुंचे, जहां से वे जोधपुर के लिए रवाना हुए।
रविवार को जालोर पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हेलिकॉप्टर से जालोर पहुंचे थे। यहां उन्होंने सिरे मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और शांतिनाथ बालिका आदर्श स्कूल का भी दौरा किया।
स्कूल में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए जालोर की वीरता और त्याग की परंपरा का उल्लेख किया। जनसभा के बाद मुख्यमंत्री सिरे मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गादीपति के दर्शन किए और मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम किया।