सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा- ये SIR नहीं है, NRC है। जो काम होम डिपार्टमेंट को करना था, वो आयोग से करा रहे हैं। सरकार हर बूथ पर 200 वोट बढ़वा रही है, इसके लिए अफसरों को भेज रही है।
जिन बूथों पर भाजपा गड़बड़ी करने की कोशिश करेगी, वहां एफआईआर कराएंगे। एफआईआर के लिए सभी बीएलए को प्रारूप दिया गया है। गड़बड़ी होने पर उसमें केवल नाम भरने होंगे और थाने पर जाकर देना होगा।
इस पर भास्कर रिपोर्टर ने पूछा- अगर एफआईआर नहीं हुई तो क्या करेंगे? जवाब में बोले कि एक ट्वीट में उनकी जान निकल जाती है। हमारे पास कोर्ट का भी रास्ता है। हम कोर्ट तक जाएंगे।
1- ‘मेरठ में सरकार आखिर क्या छुपा रही’
मेरठ की घटना पर अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा के लोग घटना में शामिल हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है। यूपी में सबसे अधिक अनसेफ हैं- बेटियां और महिलाएं। आंकड़े झूठे नहीं हो सकते। सबसे अधिक घटनाएं यूपी में हो रही है। रामजी सुमन जाना चाह रहे थे, उन्हें भी नहीं जाने दिया। सरकार आखिर क्या छुपा रही है।
2- ‘PDA के वोटर्स के नाम काटने के लिए साजिश चल रही’
अखिलेश ने कहा- यूपी में SIR की जो एक्सरसाइज चल रही थी, कई विभागों के अधिकारी इसमें शामिल किए गए थे। यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है। वहां SIR का काम चल रहा था। किसी राजनीतिक दल ने विरोध नहीं किया। ड्राफ्ट लिस्ट आ गई है, जैसी आशंका थी, 3 करोड़ वोट काट दिए जाएंगे।
लेकिन ड्राफ्ट लिस्ट आने से पहले ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि 4 करोड़ वोट कटने जा रहे हैं। जब किसी को जानकारी नहीं थी कि कितने वोट काटे जा रहे हैं, उस समय सीएम ने अपनों के बीच कहा कि 4 करोड़ वोट कटने जा रहे हैं, जो भाजपा के हैं। कन्नौज के पूर्व सांसद ने कहा कि अभी तो जिले में तीन लाख वोट कटे हैं, दो अलग-अलग विधानसभाओं में वोट काटेंगे।
अगर बीजेपी के नेता ये बात कहें तो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। जब इतना बड़ा कार्यक्रम हुआ हो तो हम उत्तर प्रदेश के लोग उम्मीद करते हैं कि ये वोटर लिस्ट ठीक होगी। जो अंतर नजर आ रहा है। इससे लग रहा है कि कोई साजिश चल रही है। PDA समाज का वोट काटने का और अपना वोट बढ़ाने की बात सामने आई है। इसके बाद से सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर बूथ पर 200 बोट बढ़ाए जाएं तो शक और गहरा हो जाता है।
3- “राज्य चुनाव आयोग और भारत चुनाव आयोग की लिस्ट में बड़ा अंतर’
सपा प्रमुख ने कहा- राज्य चुनाव आयोग और भारत चुनाव आयोग की सूची में बड़ा अंतर आया है। मेरठ बड़ा जिला है। बड़े पैमाने पर वोट कटे हैं, लखनऊ में भी काफी वोट कटे हैं। लाखों वोट एक-एक विधानसभा में गायब हो गए। यूपी में 12.56 करोड़ ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार हैं। पंचायत में ग्रामीण मतदाता 12.69 करोड़ वोटर हैं।
इतना अंतर क्यों है, जब एक ही BLO दोनों काम कर रहा है? राज्य और राष्ट्र के बीच इतना अंतर कैसे? SIR में 2.89 करोड़ वोट काटे गए हैं, तो पंचायत में 40 लाख कैसे जोड़ दिए गए? चुनाव आयोग बताए कि कौन सा SIR ठीक है, दोनों एक साथ ठीक नहीं हो सकते।
4- बीजेपी जानबूझकर गलती कराती है…
अखिलेश ने कहा- 1.93 करोड़ लोगों की मैपिंग हो जाने के बाद उन्हें अनमैप्ड कर दिया गया। ये गंभीर सवाल है। मैपिंग के बाद ऐसा किया जा रहा है। ये एरर नहीं, बीजेपी के लिए किया गया है। बीजेपी जानबूझकर गलती कराती है ताकि आप उलझ जाएं। ये बहुत गंभीर सवाल है। अब इन्हें नोटिस भेजकर इनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। तीन करोड़ की जांच की जाएगी। नोटिस भेजा जाएगा।
पहले बताया गया था कि न नोटिस भेजी जाएगी और न जांच होगी। अब अनमैप्ड कर दिया तो नोटिस जाएगा। ये ऐप किसका बना हुआ है? तकनीक कौन सपोर्ट कर रहा है? राजनीतिक दल तो ये बात बताए। अगर सरकार को चंदा देने वाली कंपनी ने बनाया है तो सवाल खड़ा होता है।
5-विपक्ष को उलझाकर वोट डिलीट करना चाहती है सरकार
अखिलेश ने कहा- चुनाव आयोग ने जो जिले स्तर पर हैंडल बनाए हैं, वे आउटसोर्स किए गए हैं। लाखों वोट डिलीट कर विपक्ष को उलझाकर रखना चाहते हैं। मुद्दों से नहीं जीत सकते, इसलिए अभी से चुनाव को प्रभावित करने की तैयारी चल रही है।
अधिकारियों की मैपिंग की गई है, उन्हीं को सरकार ने जिलों में भेजा है। अधिकारियों की बीजेपी ऐप से आइडियोलॉजिकल मैपिंग की गई है। जाति और धर्म के आधार पर ट्रांसफर-पोस्टिंग की जाएगी। बीजेपी के वोटरों को दोबारा जोड़ने के लिए उन्हें भेजा जा रहा। भाजपा के पास बूथ स्तर पर वे मशीनें हैं, जिससे आधार कार्ड दोबारा बना लिए जाते हैं।
6- कोडीन भइया के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही
कोडीन भइया के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही । भाजपा पश्चिम बंगाल में डेटा की डकैती करना चाहती है। भाजपा को पता है कि वे वहां जीतने वाले नहीं हैं। SIR इसलिए हुआ कि वोटर लिस्ट ठीक हो जाए, लेकिन धीरे-धीरे ये जानकारी मिल रही है कि इसके अंदर बीजेपी का सिस्टम काम कर रहा है।
7- KGMU और PGI की हालत दयनीय…
यूपी में मेडिकल व्यवस्था को लेकर अखिलेश ने कहा- कहीं पढ़ रहा था, पोस्टमार्टम किसी का होना था, ले जाकर किसी और का कर दिया गया। KGMU और PGI की हालत भी दयनीय कर दी गई है।