अमित शाह ने किशनगंज में हनुमान मंदिर में पूजा की:अररिया में बॉर्डर सिक्योरिटी-घुसपैठ पर मीटिंग करेंगे;RJD बोली-सीमांचल को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी

भारत के गृहमंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार (सीमांचल) दौरे का आज दूसरा दिन है।अमित शाह ने किशनगंज के पूर्व पाली स्थित हनुमान मंदिर में पूजा की। शाह के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। उससे पहले उन्होंने MGM मेडिकल कॉलेज में बैठक की थी। उनके साथ बिहार और बंगाल के करीब 10 नेता मौजूद हैं।

आज केंद्रीय मंत्री माछमारा हवाई पट्टी से सीमा सुरक्षा बल के हेलीकॉप्टर से अररिया के लिए निकलेंगे।

अररिया में करीब छह घंटे ‎के इस दौरे में वे सीमा चौकियों का निरीक्षण, नव निर्मित ‎भवनों का उद्घाटन और सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ‎अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे।‎

अमित शाह के दौर पर राजद विधायक और पार्टी महासचिव रणविजय साहू ने दावा किया कि शाह बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहते हैं।

3 साल में दूसरी बार किशनगंज पहुंचे शाह

केंद्रीय गृह मंत्री‎अमित शाह बुधवार को दूसरी बार ‎किशनगंज के दौरे पर पहुंचे। ‎इससे पहले 21 सितंबर 2022 को आए थे। उस वक्त ‎भी उन्होंने एमजीएम मेडिकल‎ कॉलेज में सुरक्षा को लेकर ‎अधिकारियों के साथ बैठक की ‎थी।

प्रशासनिक बैठक के बाद अमित शाह ने बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल के आवास पर देर रात दूसरी बैठक की, जो काफी देर तक चली।

इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी नेताओं के साथ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारियों की चर्चा हुई।

आज अररिया में क्या होगा?

गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री शाह सुबह 11 बजे भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले के लेट्टी सीमा चौकी पहुंचेंगे। यहां वे कई योजनाओं का लोकार्पण करेंगे।

इसके बाद वे अररिया समाहरणालय जाएंगे। वहां भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर 7 सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।

बैठक में सीमा सुरक्षा, मानव तस्करी, पशु तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी बैठक में उठ सकता है।

दोपहर 3:45 बजे से 4:45 बजे तक वे वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे। बैठक के बाद वे हेलीकॉप्टर से पूर्णिया के लिए रवाना होंगे।

बांग्लादेश में हालिया चुनाव, नेपाल में होने वाले चुनाव और पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को देखते हुए इस दौरे को सीमा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले ‘चिकन नेक’ क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सीमावर्ती जिलों में कई योजनाएं प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद इन योजनाओं में तेजी आ सकती है।

बुधवार को सीमा सुरक्षा पर 3 घंटे बैठक

अमित शाह बुधवार शाम करीब 4:30 बजे किशनगंज पहुंचे। उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल रहे। दूसरी ओर, भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सराओगी भी देर शाम किशनगंज पहुंचे।

दौरे का सबसे अहम हिस्सा किशनगंज के मिर्ची सभागार में हुई हाई लेवल बैठक रही। यहां गृह मंत्री अमित शाह ने जिला प्रशासन, SSB, BSF और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक सीमा सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की।

बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ रोकने के उपाय, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।

गृह मंत्री ने अधिकारियों को सीमा पर चौकसी और सख्त करने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक को आगामी सुरक्षा रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा का जिम्मा SSB के पास

भारत की जमीनी सीमाएं 7 देशों चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान से लगती है। जबकि, समुद्री सीमाएं श्रीलंका, मालदीव और इंडोनेशिया के साथ लगती हैं।

नेपाल और भूटान बॉर्डर की सुरक्षा SSB, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा BSF, चीन बॉर्डर की सुरक्षा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और म्यांमार बॉर्डर की सुरक्षा असम राइफल्स के जिम्मे है।

बिहार से सीधा नेपाल का बॉर्डर लगता है। जबकि, बांग्लादेश बॉर्डर की दूरी बिहार के किशनगंज से करीब 20 किमी है। भारत से नेपाल का 1751 किलोमीटर लंबा बॉर्डर लगता है। इसमें से सबसे अधिक 729 किमी बिहार से सटा है।

3 तरीकों से नेपाल से बिहार में एंट्री आसान

भारत और नेपाल के बीच ओपन बॉर्डर है। इससे लोगों को आने-जाने में आसानी होती है। नेपाल से बिहार के रास्ते भारत में एंट्री काफी आसान है। यह तीन तरीके से होती है।

पहला: नेपाल के काठमांडू में ट्रैवल एजेंट भारत में एंट्री कराते हैं। ये फर्जी तरीके से नेपाली नागरिकता और भारतीय पहचान पत्र तक तैयार करते हैं।

काठमांडू में सीमा हैदर ने भारत का फर्जी आधार कार्ड बनवाया था।

दूसरा: नेपाल सीमा की पगडंडी के रास्ते अधिकतर घुसपैठ होती है। ये पगडंडियां नेपाल और भारत के बॉर्डर पर बसे गांवों में होती हैं। घुसपैठ करने वाले गांव के लोगों को लालच देकर एंट्री कर लेते हैं।

तीसरा: नेपाली और भारतीय शक्ल के दिखने वाले विदेशी खुद से बॉर्डर क्रॉस कर जाते हैं। अक्सर संदेह होने या खुफिया जानकारी पर ही बॉर्डर पर जांच होती है।

नेपाल बॉर्डर पर सख्ती क्यों जरूरी है?

दरअसल, खुफिया एजेंसियां भारत-नेपाल बॉर्डर को अब पाकिस्तान सीमा जितना ही संवेदनशील मान रही हैं, क्योंकि नेपाल में टूरिस्ट वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 3,000 से अधिक है।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में मौजूद कई पाकिस्तानी नागरिक भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी आतंकी डंकी रूट के सहारे पहले अवैध रूप से नेपाल में घुसते हैं। फिर बिहार के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश रहती है। जानकारी के मुताबिक, कई पाकिस्तानी नागरिकों ने तो नेपाली महिलाओं से शादी कर ली और वहीं बस गए।

नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा को लेकर क्या-क्या हो रहा

बॉर्डर पर पुलिस चेक पोस्ट बनाए गए हैं। हर व्यक्ति और वाहन की जांच हो रही है। सीमावर्ती जिलों में 24 घंटे पुलिस गश्ती जारी है। वीरपुर, निर्मली और कोसी नदी के दियारा क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है।

संदिग्ध गतिविधियों खासकर ISI और आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को एक्टिव किया गया है।

  • सोशल मीडिया और फोन कॉल्स, खासकर पाकिस्तान से आने वाली कॉल्स पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
  • किरायेदार सत्यापन, होटल चेकिंग, और संदिग्ध सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • बॉर्डर पर भारत की ही तरह नेपाल में भी 10 किलोमीटर तक कोई भी ड्रोन नहीं उड़ा सकता है।
  • बांग्लादेश से आने वाली जमात पर भारत व नेपाल की खुफिया एजेंसी निगाह रख रही हैं।
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