अमृतसर में पुलिस ने हाई अलर्ट रखा है। 5 फरवरी की रात 8.40 बजे यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन देखा गया था। जिसके बाद एयरपोर्ट को एक घंटे के लिए बंद कर पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया।
यही नहीं, मलेशिया एयरलाइन की शारजाह-अमृतसर फ्लाइट को भी नहीं उतरने दिया गया और उसे चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। जिसके बाद जिला मजिस्ट्रेट ने तुरंत जिले में ड्रोन समेत बाकी उड़ने वाली सभी चीजों पर रोक लगा दी है।
वहीं रात को ही पाकिस्तान से एक गुब्बारा उड़कर भी अमृतसर की छत पर गिरा, जिसमें उर्दू लिखा हुआ बैनर बंधा हुआ है। उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरी तरह से फील्ड में मुस्तैद है।
इस बारे में सीनियर अफसर भी जांच की रिपोर्ट ले रहे हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ में भी पुलिस हेडक्वार्टर को सूचना दे दी गई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साधी हुई है।
जानकारी के मुताबिक रात एयरपोर्ट के डायरेक्टर और CISF के सुरक्षा दस्ते को इसकी सूचना मिली कि एयरपोर्ट के नजदीक ड्रोन देखा गया है। चूंकि अमृतसर पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है, इस वजह से इसको लेकर हड़कंप मच गया। हालांकि ये क्लियर नहीं हुआ कि ये ड्रोन पाकिस्तान से आया था या किसी ने अपने फंक्शन के लिए लोकल ही उड़ाया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ड्रोन की हलचल रनवे के आसपास ही नजर आई थी। इस वजह से तुरंत एयरपोर्ट का पूरा ऑपरेशन एक घंटे के लिए बंद कर दिया। चंडीगढ़ के अलावा एक फ्लाइट को दिल्ली भी डायवर्ट की गई। इसके बाद पुलिस बुलाई गई। जांच एजेंसियों के साथ पूरे एयरपोर्ट की जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियों से क्लियरेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट की गतिविधियां सामान्य हुईं।
एयरपोर्ट डायरेक्टर बोले- तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए
अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि बुधवार रात हवाई क्षेत्र में ड्रोन जैसी वस्तुएं देखे जाने के बाद लगभग एक घंटे तक उड़ान संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। एहतियातन तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए थे। रात 9 बजकर 41 मिनट पर एयरपोर्ट का ऑपरेशन बहाल किया गया था। शारजाह की उड़ान को चंडीगढ़ और कुआलालंपुर की उड़ान को दिल्ली डायवर्ट किया गया था। पुलिस द्वारा मामले की जांच की गई थी।
ड्रोन पर पाबंदी के आदेश से जुड़ी 3 अहम बातें..
- सेंसेटिव जगहों पर मानव रहित हवाई वाहन उड़ाने पर रोक: अमृतसर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रोहित गुप्ता के आदेश के अनुसार अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के 25 किलोमीटर के दायरे के अलावा, मिलिट्री स्टेशन, एयरफोर्स स्टेशन, बीएसएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के ठिकानों से 3 किलोमीटर के भीतर आम लोगों द्वारा निजी ड्रोन, क्वाडकॉप्टर और अन्य मानव रहित हवाई वाहनों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें ये स्पष्ट किया गया है कि बिना पूर्व अनुमति माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट, पैराग्लाइडर और हैंग ग्लाइडर उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- खुफिया सूचनाओं का हवाला दिया: प्रशासन ने बताया कि पूर्व में प्राप्त खुफिया सूचनाओं के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते ड्रोन के माध्यम से हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य अवैध सामग्री भारत भेजने की लगातार कोशिशें सामने आई हैं। इन गंभीर सुरक्षा इनपुट्स को ध्यान में रखते हुए भविष्य में किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा संभव: अधिकारियों का कहना है कि सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास ड्रोन या अन्य उड़ने वाले उपकरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसी कारण ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त प्रतिबंध आवश्यक हो गया है। प्रशासन ने आम जनता से आदेशों का पालन करने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। यह आदेश 21 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
उर्दू लिखा गुब्बारा गिरा, पुलिस ने कब्जे में लिया
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अमृतसर के जंडियाला गुरू में पाकिस्तान से उड़कर आया गुब्बारा छत पर आ गिरा। जिसमें उर्दू में लिखा बैनर बंधा था। इसका पता चलते ही पुलिस तुरंत वहां पहुंची और उसे कब्जे में ले लिया। सबसे पहले बच्चों ने बैनर देखा। इससे वह खेलने लगे तो गांव वालों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस बुला ली। बैनर पर लाल, नीले और काले रंग से उर्दू भाषा में लिखा गया है। पुलिस जांच में पता चला कि बैनर पर पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाली एक मेडिकल कैप के बारे में जानकारी दी गई है, साथ ही एक मोबाइल नंबर भी अंकित है।
सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर बढ़ाई निगरानी
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीरता से लिया जा रहा है। बैनर कहां से भेजा गया, इसके पीछे क्या मकसद था और इसमें लिखी जानकारी का उद्देश्य क्या है, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बैनर को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की भी संभावना है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सीमा पार से इस तरह की गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो उसे छूने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।