यूपी की रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान और बेटा अब्दुल्ला ने परिवार से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। पत्नी तंजीम फातिमा, बड़े बेटे अदीब और बहन निखहत अखलाक बुधवार को आजम और अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे थे। लेकिन, उन्हें बिना मिले ही वापस लौटना पड़ा। तीनों करीब एक घंटे तक मुलाकात वाली पर्ची लेकर बैठे रहे। पता चला कि बेटे अब्दुल्ला ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया है।
बाद में तंजीम फातिमा जेल से बाहर आईं। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो कहा- आजम से मुलाकात नहीं हो पाई। जब उनसे वजह पूछी गई तो कहा- अब्दुल्ला ने मिलने से इनकार कर दिया। आजम साहब से भी मुलाकात नहीं हुई। जब उनसे पूछा गया कि क्या जेल प्रशासन ने नहीं मिलने दिया तो जवाब दिया- ऐसा नहीं है, उधर से ही मिलने से मना कर दिया गया। वजह मालूम नहीं है। कुछ नहीं बता सकती।
दरअसल, आजम और अब्दुल्ला को 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। तब से दोनों रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। परिवार और समर्थक लगातार मुलाकात की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन या तो अनुमति नहीं मिल रही या जेल से तकनीकी कारण बताए जा रहे हैं।
बुधवार को भी मुलाकात की अर्जी लगी थी, लेकिन दोनों ने मिलने से मना कर दिया। कारागार प्रशासन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सपा के जिलाध्यक्ष अजय सागर ने जेल प्रशासन पर गलत रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
आजम ने जेल जाने से पहले कहा था- कोर्ट ने गुनहगार समझा तो सजा सुनाई
जेल में दाखिल होने से पहले आजम ने कहा था- ‘कोर्ट का फैसला है, कोर्ट ने गुनहगार समझा तो सजा सुनाई है।’ वहीं, आजम के जेल जाने के बाद अखिलेश यादव ने कहा था- सत्ता के गुरूर में जो नाइंसाफी और जुल्म की हदें पार कर देते हैं। वो खुद एक दिन कुदरत के फैसले की गिरफ्त में आकर एक बेहद बुरे अंत की ओर जाते हैं। सब, सब देख रहे हैं।
दो मामलों में कोर्ट में टली सुनवाई
1. फांसीघर कब्जा मामले में 23 दिसंबर अगली तारीख
- गंज कोतवाली में पूर्व में सपा नेता आजम खां और उनके परिजनों के खिलाफ नायब तहसीलदार केजी मिश्र ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि दस्तावेजों में हेराफेरी कर आजम खां और उनके परिजनों ने जिला कारागार के पीछे स्थित फांसीघर की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया है।
- इसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई थी, जिसमें आजम खां जिला जेल से वीसी के जरिए कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान आरोप तय नहीं हो सके। अब इस केस में अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।
2. वोटरों को धमकाने का मामला (अब्दुल्ला आजम)
- सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ मारपीट और मतदान से रोकने के मामले में गवाह न आने से सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में 23 दिसंबर को सुनवाई होगी। यह मामला साल 2022 के विधानसभा चुनाव का है। पांच दिसंबर 2022 को शहर विधानसभा सीट पर उप चुनाव के लिए मतदान हुआ था।
- दो दिन बाद रजा डिग्री कालेज के पास रहने वाले नदीम खां ने गंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें कहा था कि वह मतदान के दिन शाम चार बजे वोट डालने गए थे, जहां अब्दुल्ला व अन्य सपाई फर्जी वोट डलवा रहे थे।
- आरोप है कि जब नदीम खां ने इसका विरोध किया तो उन्हें मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया। जान से मारने की धमकी दी। वह मतदान केंद्र के बाहर चौराहे पर आ गए। कुछ देर में अब्दुल्ला अपने समर्थकों को लेकर वहां आए। गाली गलौज और एनकाउंटर कराने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। इसमें कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। अब गवाही चल रही है।
अब्दुल्ला के झूठे एफिडेविट केस में भी आगे बढ़ी कार्रवाई
मंगलवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने झूठे एफिडेविट मामले में चुनाव कार्यालय से अब्दुल्ला के विधानसभा नामांकन प्रक्रिया का DVR तलब किया है। इस केस की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। रामपुर सिटी थाने में दर्ज भड़काऊ भाषण मामले में मंगलवार को फाइनल बहस होनी थी, लेकिन प्रॉसीक्यूशन की तरफ से स्टे एप्लिकेशन दाखिल होने के बाद बहस 9 दिसंबर तक टल गई।