दशरथ महल के महंत विेंदुगद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य आबूधाबी से सकुशल अयोध्या लौट आए हैं। वे करीब एक हफ्ते से से वहां फंसे हुए थे। उनकी कुशलता को लेकर अयोध्या सहित देश भर के संत और पीठ से जुड़े लाखों श्रद्धालु परेशान थे।
उनके सकुशल वापस आने पर आज सुबह महर्षि एयरपोर्ट पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह,रसिक पीठ के आचार्य महंत जनमेयज शरण और महंत हेमंत दास ने फूल माला से स्वागत किया।
बताया जाता है कि अयोध्या के दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के बिंदुगाद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज 27 फरवरी को अबूधाबी स्थित स्वामी नारायण मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। इसी दौरान ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
युद्ध के चलते हवाई सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं, जिसके कारण महाराज की निर्धारित तिथि 2 मार्च को भारत वापसी संभव नहीं हो सकी। अयोध्या में संत समाज और श्रद्धालुओं को उनकी चिंता सताने लगी। उनके सकुशल लौटने की कामना को लेकर अयोध्या में कई स्थानों पर हवन, पूजन और यज्ञ का आयोजन किया गया, ताकि क्षेत्र में शांति और अमन बना रहे तथा महाराज सुरक्षित वापस लौट सकें।
स्थिति सामान्य होने के बाद 4 मार्च को हवाई सेवाएं पुनः शुरू हुईं, जिसके बाद बिंदुगाद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य महाराज भारत के लिए रवाना हुए और सकुशल अयोध्या पहुंच गए। महर्षि एयरपोर्ट पर उनके आगमन की सूचना मिलते ही संतों और भक्तों में उत्साह का माहौल बन गया। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महाराज का स्वागत करते हुए कहा कि उनके सुरक्षित लौटने से संत समाज और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है। इस अवसर पर रसिक पीठाधीश्वर महान जन्मेजय शरण तथा श्रृंगी ऋषि आश्रम के पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास सहित अनेक संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।