देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने पायलटों के अलाउंस में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इससे एयरलाइन के करीब 5,000 पायलटों को सीधा फायदा मिलेगा। नए नियम 1 जनवरी से लागू होंगे।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, लेओवर के लिए कैप्टन को अब 2,000 रुपए की जगह 3,000 रुपए मिलेंगे। वहीं फर्स्ट ऑफिसर्स के लिए इसे 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया गया है।
‘डेडहेडिंग ट्रिप्स’ के लिए 50% बढ़ा बत्ता
‘डेडहेडिंग ट्रिप्स’ के लिए कैप्टन का भत्ता 3,000 से बढ़ाकर 4,000 रुपए और फर्स्ट ऑफिसर का 1,500 से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। डेडहेडिंग का मतलब है कि जब क्रू ड्यूटी के लिए पैसेंजर के तौर पर ट्रैवल करते हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पिछले दिनों रोस्टर से जुड़ी समस्याओं के कारण एयरलाइन को 4,500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। पायलटों की नाराजगी दूर करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए एयरलाइन मैनेजमेंट ने कई दौर की मीटिंग्स के बाद यह फैसला लिया है।
विदेशी एयरलाइंस पायलट्स को ज्यादा सैलरी ऑफर कर रहे
इंडिगो इस वक्त दोहरी चुनौती का सामना कर रही है। एक तरफ घरेलू ऑपरेशन्स में दिक्कतें आई हैं, वहीं दूसरी तरफ विदेशी एयरलाइंस भारतीय पायलटों को बेहतर सैलरी और लाइफस्टाइल पैकेज ऑफर कर रही हैं।
पायलटों के इस्तीफे और दूसरी कंपनियों में जाने की होड़ को रोकने के लिए इंडिगो ने अपने बेनिफिट्स स्ट्रक्चर में सुधार किया है। भारत सरकार भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पायलटों की भर्ती के लिए एक ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ बनाने की दिशा में काम कर रही है।
फ्लाइट ड्यूटी नियमों और क्रू की कमी से बिगड़े हालात
नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े स्तर पर ऑपरेशन्स से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। दरअसल, डीजीसीए ने पायलटों के आराम के लिए नए ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट’ (FDTL) नियम लागू किए थे।
एयरलाइन इन नियमों के मुताबिक अपने क्रू और रोस्टर को सही समय पर मैनेज नहीं कर पाई। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के आखिर और दिसंबर के पहले हफ्ते में इंडिगो की करीब 5,000 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं या देरी से उड़ीं।
DGCA की कार्रवाई: विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती
हजारों यात्रियों के फंसने और भारी हंगामे के बाद डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाया। रेगुलेटर ने इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती करने का निर्देश दिया, ताकि ऑपरेशन्स को फिर से पटरी पर लाया जा सके।
इसके अलावा, एक जांच कमेटी ने भी अपनी गोपनीय रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है, जिसमें इंडिगो की प्लानिंग में कमियों और मैनेजमेंट की लापरवाही का जिक्र होने की संभावना है।
हवाई यात्रियों की संख्या में 7% का इजाफा हुआ
भले ही एयरलाइंस चुनौतियों का सामना कर रही हों, लेकिन देश में हवाई सफर करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नवंबर में कुल 1.53 करोड़ यात्रियों ने घरेलू उड़ानों में सफर किया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 7% ज्यादा है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 1,526 लाख लोगों ने उड़ान भरी, जो सालाना आधार पर 4.26% की ग्रोथ दिखाता है।
शिकायतों में फ्लाइट और रिफंड की समस्या सबसे ऊपर
नवंबर महीने में एयरलाइंस को लेकर यात्रियों की शिकायतों में भी बढ़ोतरी हुई है। कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 50% से ज्यादा शिकायतें फ्लाइट में देरी या दिक्कतों से जुड़ी थीं।
इसके बाद 17.9% शिकायतें बैगेज (सामान) और 12.5% रिफंड से जुड़ी रहीं। इंडिगो का कैंसिलेशन रेट अन्य एयरलाइंस के मुकाबले इस दौरान ज्यादा रहा है।
मूडीज की चेतावनी- एयरलाइन को वित्तीय नुकसान की आशंका
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि फ्लाइट्स कैंसिल होने से इंडिगो को बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है। रेवेन्यू में कमी के साथ-साथ पैसेंजर्स को रिफंड देने और सरकार की ओर से संभावित पेनल्टी एयरलाइन के मुनाफे पर असर डाल सकती है।
मार्केट शेयर के लिहाज से इंडिगो अभी भी 63% हिस्सेदारी के साथ भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है, लेकिन सर्विस और स्टाफ मैनेजमेंट की वजह से काफी सवाल उठे हैं।
मैनेजमेंट और पायलटों के बीच हुई थी मीटिंग्स
भत्तों में बढ़ोतरी का फैसला लेने के लिए पिछले कुछ हफ्तों में इंडिगो के टॉप एग्जीक्यूटिव्स ने अलग-अलग बेस पर जाकर पायलटों के साथ मीटिंग की थी। पायलटों ने अपनी थकान और रोस्टर की दिक्कतों सामने रखा था। एयरलाइन को डर था कि अगर पायलटों की मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले समय में ऑपरेशन्स पर और बुरा असर पड़ सकता है।