ईरान के खेल मंत्री बोले-हमारा फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल:FIFA ने कहा- फैसला अभी बाकी; 11 जून से अमेरिका में होगा वर्ल्ड कप

ईरान के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने बुधवार को कहा कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना है कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है।

हालांकि, इस मसले में FIFA का मानना है कि फिलहाल 2026 फीफा वर्ल्ड कप से ईरान के बाहर होने की बात कहना जल्दबाजी होगी। अंतिम फैसला ईरान के फुटबॉल फेडरेशन के हाथ में होगा। खेल मंत्री के बयान के बावजूद वही तय करेगा कि टीम वर्ल्ड कप में भाग लेगी या नहीं।

इससे पहले FIFA के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने बताया कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भरोसा दिलाया है कि ईरान की नेशनल टीम को 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने अमेरिका आने दिया जाएगा।

इस बार फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण ईरान पर ट्रैवल और वीजा बैन के बाद टीम की भागीदारी को लेकर सवाल उठ रहे थे।

इन्फैन्टिनो ने X पोस्ट पर कहा-

मैंने मंगलवार रात ट्रम्प से वर्ल्ड कप की तैयारियों पर चर्चा की। हमने ईरान की स्थिति और उसकी टीम की भागीदारी पर भी बात हुई। ट्रम्प ने मुझे भरोसा दिलाया है कि ईरान को वर्ल्ड कप में खेलने के लिए अमेरिका आने दिया जाएगा।

ईरान का पहला मैच कैलिफोर्निया में होगा

2026 वर्ल्ड कप में ईरान के ग्रुप मैच तय हैं। टीम 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में न्यूजीलैंड से खेलेगी। 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र से मुकाबला होगा। ईरान को ग्रुप G में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है।

ईरानी फुटबॉल प्रेसिडेंट ने कहा था- हमारा वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल

9 दिन पहले ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के प्रेसिडेंट मेहदी ताज ने कहा था कि मौजूदा हालातों में नेशनल टीम का अमेरिका जाकर फुटबॉल खेलना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा था- ‘इस हमले के बाद हमसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि हम आशा और उत्साह के साथ वर्ल्ड कप की ओर देखें।’ इतना ही नहीं, ट्रम्प सरकार ने ईरानी फैंस को देश में एंट्री देने से मना कर दिया था।

इस मसले पर फीफा ने कहा है कि टूर्नामेंट को टालना संभव नहीं है। फीफा के वर्ल्ड कप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हाइमो शिर्गी ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन वर्ल्ड कप तय समय पर ही होगा। उम्मीद है कि क्वालिफाई करने वाली सभी टीमें इसमें हिस्सा लेंगी।

क्या कहते हैं FIFA के नियम?

फीफा नियमों के मुताबिक यदि मेजबान देश किसी टीम को प्रवेश देने से इनकार करता है तो उसकी मेजबानी भी छीनी जा सकती है। तीन साल पहले इंडोनेशिया ने अंडर-20 वर्ल्ड कप में इजराइल टीम को अनुमति देने से इनकार किया था, जिसके बाद फीफा ने टूर्नामेंट इंडोनेशिया से लेकर अर्जेंटीना को दे दिया था।

पांच ईरानी फुटबॉल खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी

एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है।

दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों ने शरण मांगी थी।।

टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन फिलहाल सिर्फ पांच खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। बाकी खिलाड़ी अभी अपने फैसले पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि उनके परिवार ईरान में रहते हैं और उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई का डर है।

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