2025 की विदाई और 2026 के स्वागत के लिए उज्जैन में लगातार भीड़ उमड़ रही है। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन का दावा है कि उज्जैन में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु आ रहे हैं। सामान्य दिनों में रोजाना करीब 6 हजार फोर व्हीलर वाहन उज्जैन आते हैं। फिलहाल, यह संख्या बढ़कर 12 हजार तक पहुंच गई है। ऐसे में जाम की स्थिति से बचने के लिए पहली बार उज्जैन पुलिस ने गूगल मैप में तकनीकी बदलाव कर हाईटेक क्राउड मैनेजमेंट शुरू किया है।
पुलिस ने गूगल मैप के जरिए हैवी ट्रैफिक वाले रूट को ब्लॉक कर मंदिर की ओर आने वाली भीड़ को शहर के भीतर प्रवेश करने से रोका है। इसके लिए गुरुग्राम की इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी, साइबर टीम और पुलिस के 10 सदस्यों की संयुक्त टीम ने गूगल के एल्गोरिदम में बदलाव किया है।
यह टीम किसी भी सड़क पर जाम की स्थिति बनते ही तत्काल उस मार्ग को गूगल मैप से ब्लॉक कर देती है और वैकल्पिक खाली मार्ग को सक्रिय कर देती है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को शहर के भीतर जाने का मार्ग दिखाई नहीं देता और वे सीधे निर्धारित पार्किंग तक पहुंच जाते हैं।
सीनियर अफसरों का कहना है कि यदि यह योजना पूरी तरह सफल रहती है, तो सिंहस्थ 2028 में भी इसे लागू किया जा सकता है।
मैप पर वही रूट दिखता है, जो पुलिस तय करती है
सीएसपी राहुल देशमुख ने कहा- चार धाम स्मार्ट पार्किंग और हरसिद्धि मंदिर की पाल के पास बनी पार्किंग महाकाल मंदिर के सबसे नजदीक हैं। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों से शहर में प्रवेश कर जाते थे, जिससे जाम की स्थिति बनती थी। इससे बचने के लिए तकनीकी डेटा का उपयोग कर वाहनों को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर जाने से रोक दिया जाता है।
गूगल मैप पर श्रद्धालुओं को वही डेडिकेटेड रूट दिखाया जाता है, जो उन्हें संकरे रास्तों और शहर के अंदरूनी क्षेत्रों से बचाते हुए सीधे बाहरी मार्गों से पार्किंग तक पहुंचाता है। इस प्रक्रिया पर यातायात और साइबर टीम लगातार काम कर रही है।
आईटी कंपनी के साथ रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी
सीएसपी देशमुख ने बताया- पुलिस की 10 सदस्यीय टीम सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रियल टाइम ट्रैफिक की निगरानी करती है। जिस मार्ग पर यातायात बढ़ता है या जाम की स्थिति बनती है, उसे तुरंत डायवर्ट कर दिया जाता है।
इसके बाद गूगल मैप पर उस रूट को हटा दिया जाता है और श्रद्धालुओं को केवल वही वैकल्पिक मार्ग दिखाया जाता है, जिससे वे सीधे पार्किंग तक पहुंच सकें। इसके लिए गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी को हायर किया है। यह कंपनी गूगल के एल्गोरिदम के जरिए केवल खाली रूट को ही दिखाती है।
रियल टाइम में बदल रहे रूट, सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे वाहन
सीएसपी देशमुख ने बताया कि डेडिकेटेड टीम द्वारा रियल टाइम में रूट बदले जा रहे हैं। गूगल मैप की सहायता से महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु पुलिस के बताए रास्तों से सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे हैं, वह भी बिना शहर में प्रवेश किए। मंदिर के आसपास के मुख्य क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहन और दुकानों को सड़कों पर लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
फिर भी श्रद्धालु बेगमबाग होते हुए स्मार्ट पार्किंग में वाहन खड़े कर रहे हैं। इसके चलते बेगमबाग, महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, हरसिद्धि मंदिर, जंतर-मंतर, जयसिंहपुरा, रेलवे क्रॉसिंग और शक्तिपथ की पार्किंग के मार्गों पर सबसे अधिक जाम की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंगों का उपयोग करने की अपील की है।
भस्म आरती की बुकिंग और VIP दर्शन व्यवस्था 5 जनवरी तक बंद
महाकाल मंदिर समिति ने नव वर्ष की भीड़ को देखते हुए 12 दिन के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी गई है। श्रद्धालु केवल ऑफलाइन बुकिंग करा सकेंगे। वहीं, 1 जनवरी को होने वाली भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है।
बीते तीन दिन में 5.50 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने के बाद समिति ने शनिवार से 5 जनवरी तक प्रोटोकॉल (VIP) दर्शन व्यवस्था भी बंद कर दी है। इस अवधि में केवल वीवीआईपी श्रद्धालुओं को ही प्रोटोकॉल सुविधा मिलेगी।
28 दिसंबर से दूसरी बार बदली दर्शन व्यवस्था महाकाल मंदिर समिति ने 28 दिसंबर से दर्शन व्यवस्था में दूसरी बार बदलाव किया है। तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश नीलकंठ द्वार से होगा। चलित भस्म आरती के लिए त्रिवेणी द्वार तय किया गया है।
सामान्य दर्शन का मार्ग चार धाम पथ से शुरू होकर शक्ति पथ होते हुए त्रिवेणी मार्ग से मानसरोवर तक रहेगा। अन्य सभी प्रवेश द्वार बंद रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूता स्टैंड की व्यवस्था चार धाम क्षेत्र में की गई है।