राजसमंद में फाइनेंसर हत्याकांड मामले में भाजपा के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी कलेक्टर के चैम्बर में एसपी ममता गुप्ता पर भड़क गए। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जमकर खरी खोटी सुनाई।
मावली के पूर्व विधायक जोशी ने कहा- एसपी साहिबा पुलिस आरोपियों से मिली हुई है, आप जांच का डायरेक्शन मत घुमाओ। इस पर एसपी ने कहा- आप मेरी बात नहीं सुन रहे, हमने टीम बैठाई है और बिना सबूत के किसी को अंदर नहीं रख सकते। ये नियम है।
मामला राजसमंद के कलेक्टर ऑफिस का बुधवार शाम 5 बजे का है। इससे पहले मामले में जांच अधिकारी एएसआई जले सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। वहीं जांच ASP महेंद्र पारीक को सौंपी गई है।
30 दिसंबर से लापता थे फाइनेंसर
दरअसल, राजसमंद में फाइनेंस का काम करने वाले हरीश जोशी 30 दिसम्बर से लापता थे। उनके घरवालों ने 31 दिसंबर को कांकरोली थाने में मिसिंग रिपोर्ट दी थी। 6 दिन बाद 5 दिसंबर तक जब कोई सुराग नहीं लगा तो परिजनों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। इस दौरान हरीश की माता और पत्नी की तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों ने जसवंत सिंह निवासी पलासमा पर संदेह जताया था।
इस दौरान धरने पर पहुंची राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने 24 घंटे में आरोपियों का पता लगाने का अल्टीमेटम पुलिस को दिया था।
कुएं में मिला था शव
अगले ही दिन 6 जनवरी को हरीश जोशी का शव घासा थाना क्षेत्र में एक कुएं से मिला था। आरोपी और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए 7 जनवरी को परिजन और मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। इसके बाद समझाइश के लिए कलेक्टर के चैम्बर में पहुंचे थे। यही पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी, राजसमंद एसपी ममता गुप्ता पर भड़क गए।