कामकाजी महिलाओं के लिए गोरखपुर में बनेगा हास्टल:500 बेड की होगी क्षमता, 47.38 करोड़ रुपये में तैयार होगा

कामकाजी महिलाओं को जल्द ही बड़ा उपहार मिलने वाला है। गोरखपुर में उनके लिए एक और महिला छात्रावास बनेगा। इसकी क्षमता 500 बेड की होगी। इसे तैयार करने में 47 करोड़ 38 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे पहले नगर निगम की ओर से 75 बेड की क्षमता वाले एक महिला हास्टल का निर्माण किया जा रहा है। दूसरा हास्टल मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत बनेगा।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग की तरफ से बनने वाले 500 बेडेड वर्किंग वुमेन हॉस्टल के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, गोरखपुर इकाई को नामित किया गया है। इसकी निविदा 28 जनवरी को प्रकाशित की गई है, तकनीकी बिड 6 मार्च को खोली जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद इसका शिलान्यास मार्च माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराने की भी तैयारी की जा रही है। इस हॉस्टल का निर्माण चरगांवा ब्लॉक परिसर से सटे 6,640 वर्ग मीटर जमीन पर किया जाएगा। महिला कल्याण अनुभाग-3 की तरफ से स्वीकृत धनराशि 47 करोड़ 38 लाख 47 हजार रुपये में से प्रथम किस्त के रूप में 16 करोड़ 58 लाख 46 हजार रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं।

यह होगी सुविधा

राजकीय निर्माण निगम द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार वर्किंग वुमेन हॉस्टल की बिल्डिंग में स्टिल्ट पार्किंग रहेगी। उसके ऊपर आठ मंजिला भवन बनाया जाएगा। इस भवन में सिंगल बेड, डबल बेल और ट्रिपल बेड क्षमता के 250 कक्ष बनाए जाएंगे। यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी और परिसर में हॉर्टिकल्चर कार्य भी कराए जाएंगे। छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और शिशु सदन शामिल हैं। साथ ही जिम सेंटर, ऑडिटोरियम, लॉन्ड्री, वाहन पार्किंग, कैंटीन और डिपार्टमेंटल स्टोर भी होंगे।

40 प्रतिशत पूरा हो चुका है पहले हास्टल का निर्माण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम की तरफ से एक वर्किंग वुमेन हॉस्टल पहले से निर्माणाधीन है। सहारा इस्टेट के समीप बन रहे 75 बेडेड इस हॉस्टल के निर्माण पर 18.08 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री इस हॉस्टल का नामकरण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में करने की घोषणा कर चुके हैं। इसका करीब 40 फीसद निर्माण हो चुका है और जून 2027 तक इसके बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।

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