‘मुझे मेरे पिता ने किडनी डोनेट की और आज वर्षों बाद हम दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। मैं किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। किसी को पत्नी ने किडनी दी, तो किसी ने अपनी मां को लिवर दान किया। वहीं, एक अज्ञात महान व्यक्ति का दिल आज मेरे सीने में धड़क रहा है।’
‘मैं उन्हें नहीं जानता, लेकिन उनकी वजह से आज मैं जीवित हूं। मेरी सभी से एक ही अपील है कि जीते-जी जो अंग दान हो सकते हैं, जरूर करें और मरणोपरांत भी अंगदान का संकल्प लें। एक बार दूसरों के लिए दिल देकर देखिए, सचमुच अपार संतोष और खुशी मिलेगी।’
यह अपील देश के उन लोगों की है, जो कभी गंभीर अंग फेल्यूअर के कारण जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे, लेकिन परिवार के सदस्यों और दानदाताओं द्वारा किए गए अंगदान के बाद आज स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
जब कोई पिता अपने बेटे को जीवनदान देता है, पत्नी अपने पति के लिए उम्मीद बनती है और किसी अजनबी की धड़कन किसी के सीने में नई जिंदगी बनकर बस जाती है- तब अंगदान सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी मिसाल बन जाता है।
कभी किडनी, लिवर और हार्ट फेल होने के कारण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे ये लोग आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसकी वजह है- परिवारजन और अज्ञात दानदाताओं द्वारा किया गया अंगदान।
वॉकेथॉन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
इन सभी ने इस वर्ष वेस्टर्न जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। रविवार को ये सभी अंग प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता (रिसिपिएंट) इंदौर में मिताशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित वॉकेथॉन में शामिल हुए। वॉकेथॉन का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने पर सभी ने खुशी जताई।
दैनिक भास्कर ने इन सभी से बातचीत कर ट्रांसप्लांट से पहले और वर्तमान स्थिति जानी। सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं और एक स्वर में अंगदान की महत्ता बताते हुए लोगों से आगे आकर अंगदान करने की अपील कर रहे हैं।
अंग प्रत्यारोपण के बाद नई जिंदगी पा चुके
मामला देश की ऐसी 9 शख्सियतों का है, जो अंग प्रत्यारोपण के बाद नई जिंदगी पा चुके हैं। परिवारजनों द्वारा किडनी और लिवर दान किए जाने के बाद इन्होंने न सिर्फ जीवन की नई शुरुआत की, बल्कि इस वर्ष जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का मान बढ़ाया। रविवार को वॉकेथॉन में भाग लेकर इन सभी ने समाज से अंगदान को लेकर भावुक और प्रेरक अपील की।
जानिए क्या है ‘वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम’
‘वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम’ वह होता है जिसमें उन लोगों के ऑर्गन्स डोनेट हुए हैं और वे लोग जो रिसिपिएंट हैं वे इसमें भाग ले सकते हैं। यह इवेंट इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी से संबद्ध होता है। इसमें अगस्त 2025 में वेस्ट जर्मनी में जो गेम हुए उसमें 50 देशों के 2 हजार प्रतिभागियों ने भाग लिया था।