कोटा के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्टर पीयूष समारिया ने एयरपोर्ट साइट का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने वहां चल रहे निर्माण कार्यों की गति व गुणवत्ता की बारीकी से समीक्षा की। एयरपोर्ट निदेशक परसराम मीना ने कलेक्टर को टर्मिनल बिल्डिंग के प्रस्तावित ढांचे, आवश्यक मशीनरी, बिजली-पानी कनेक्टिविटी, सड़क निर्माण, पावरग्रिड की लाइनों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।
5 दिसंबर को खुलेगी दूसरे टेंडर की बिड
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन और सिटी-साइड डेवलपमेंट से जुड़े 384.79 करोड़ रुपए के दूसरे बड़े टेंडर की तकनीकी बिड अब 5 दिसंबर को खुलेगी। यह टेंडर जुलाई में जारी किया गया था और अक्टूबर तक इसकी प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन उसमें संशोधन किए जाने के कारण इसमें देरी हुई। अब उम्मीद है कि दिसंबर अंत तक पूरी टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी, जिसके बाद जनवरी-फरवरी तक वर्कऑर्डर जारी हो जाएगा और टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टॉवर, टेक्निकल ब्लॉक, फायर स्टेशन और कार पार्किंग सहित अन्य कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे।
टेंडर में 26 कंपनियों ने भाग लिया था
वहीं रनवे और एयर साइड संरचनाओं से जुड़े पहले टेंडर, जिसकी शुरुआती लागत 423.08 करोड़ थी, उसका काम पहले ही केसीसी बिल्डकॉन को सौंपा जा चुका है। कंपनी ने 33.11 प्रतिशत कम दर पर बोली लगाकर यह काम हासिल किया, जिससे एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को करीब 140 करोड़ रुपए की बचत हुई। इस टेंडर में 26 कंपनियों ने भाग लिया था और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद यह फाइनल हुआ। अब माना जा रहा है कि दूसरे टेंडर में भी इसी तरह का लाभ मिल सकता है। दोनों टेंडरों के कार्यक्षेत्र अलग-अलग होने से दोनों फर्में समानांतर रूप से काम करती रहेंगी।
काम में तेजी लाने के निर्देश
इधर, कलेक्टर समारिया ने नॉर्दर्न बायपास फेज-2 के कार्यों का भी निरीक्षण किया। बल्लोप से गामच तक चल रहे इस प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने पीडब्ल्यूडी-एनएच के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय चौधरी को कार्य गति में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि अभी तक लगभग एक-चौथाई कार्य पूरा हो चुका है और सभी आवश्यक स्ट्रक्चर तैयार कर लिए गए हैं। कलेक्टर ने समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।