गया शहर के दांडी बाग स्थित प्रजापति भवन में रविवार को बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति ने एक दिवसीय इलेक्ट्रिक चाक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कुम्हार समाज के कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके पारंपरिक व्यवसाय को सशक्त बनाना और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में पटना से खादी व ग्रामोद्योग आयोग के पदाधिकारी शामिल हुए। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इन अतिथियों ने कुम्हार समाज के लोगों को इलेक्ट्रिक चाक के उपयोग, कार्यप्रणाली, रख-रखाव और उससे होने वाले आर्थिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
आधुनिक डिजाइन के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के साथ-साथ आधुनिक डिजाइन के उत्पाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। खादी ग्रामोद्योग के अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक चाक से कम समय में अधिक उत्पादन संभव है, जिससे कारीगरों की आय बढ़ सकती है। उन्होंने सरकारी योजनाओं, अनुदान, ऋण सुविधा और विपणन सहायता की भी जानकारी दी।
बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय, संरक्षक द्वारिका प्रजापति और अटल प्रजापति ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कुम्हार समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में भी तकनीकी और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि पारंपरिक कला को आधुनिक स्वरूप देकर बाजार की मांग के अनुसार विकसित किया जा सके।
कार्यक्रम के समापन पर, प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया और समिति व खादी ग्रामोद्योग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुम्हार समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।