चंडीगढ़ में चेक बाउंस के 22 मामले में महिला दोषी:कोर्ट ने सुनाई एक साल की सजा, ब्याज समेत भुगतान के आदेश

चंडीगढ़ में शराब व वाइन शॉप के किराए के लिए दिया गया 1.94 लाख रुपए चेक बाउंस मामले में अदालत ने आरोपी संगीता को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को शिकायतकर्ता को पूरा चेक अमाउंट ब्याज सहित देने के भी आदेश दिए हैं। अदालत ने आरोपी की अपील दायर करने की मांग पर उसकी सजा 30 दिन के लिए रोक दी है। आरोपी को 30 हजार रुपए के निजी मुचलके पर छोड़ा गया है। अगर इस अवधि में उपरी अदालत से कोई राहत नहीं मिलती, तो आरोपी को सजा काटने के लिए फिर से अदालत में पेश होना होगा।

शिकायतकर्ता पायल गुप्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि सेक्टर-20C स्थित SCO-3 की ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर की जगह शराब व वाइन शॉप के लिए किराए पर दी गई थी। इसके बदले में आरोपी संगीता ने 7 जून 2021 को 1,94,400 रुपए का चेक दिया था। यह चेक जब बैंक में जमा किया गया, तो खाता धारक द्वारा भुगतान रोकने के कारण बाउंस हो गया।

नोटिस के बाद भी नहीं हुआ भुगतान

चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर स्वीकार किए, लेकिन अदालत में कोई ठोस बचाव पेश नहीं कर सकी। अदालत ने कहा कि जब आरोपी ने चेक पर अपने साइन मान लिए, तो कानून के अनुसार यह माना जाएगा कि चेक किसी वैध बकाया राशि के भुगतान के लिए दिया गया था। आरोपी अदालत में यह साबित नहीं कर सकी कि उस पर कोई पैसा बकाया नहीं था। अदालत का मानना है कि आरोपी ने जानबूझकर भुगतान से बचने की कोशिश की।

22 चेक बाउंस मामलों में एक साथ सजा

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी संगीता को इसी तरह के 22 अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में भी दोषी ठहराया जा चुका है। हालांकि सभी मामलों में सजा को एक साथ (कनकरेंट) चलाने के आदेश दिए गए हैं। यानी आरोपी को कुल मिलाकर एक साल की सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने आरोपी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 1,94,400 रुपए का चेक अमाउंट और चेक की तारीख से अब तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजा अदा करे। यह राशि अपील की अवधि समाप्त होने के एक महीने के भीतर जमा करनी होगी।

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