2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने तमाम जातियों को साधने के लिए सामाजिक बोर्ड का गठन करके नेताओं को मंत्री का दर्जा दिया था। चुनावों में इन नेताओं ने अपनी जातियों के वोट बीजेपी को दिलाए और सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन, सरकार ने इन बोर्ड को दो साल में बजट के नाम पर ठेंगा दिखाया।
9 समाजों के बोर्डों पर शून्य खर्च, सिर्फ अध्यक्षों को सुविधाएं
विभिन्न समाजों के कल्याण के लिए बनाए गए 9 समाज कल्याण बोर्डों को सरकार ने दो साल में एक रुपया भी नहीं दिया। 8.34 करोड़ रुपए आवंटित होने के बावजूद किसी भी बोर्ड को राशि जारी नहीं की गई, जिसके कारण किसी भी समाज का एक भी व्यक्ति लाभान्वित नहीं हुआ। यह जानकारी तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न क्रमांक 111 के जवाब में दी। सरकार ने अक्टूबर 2023 में दो वर्ष के लिए ये बोर्ड बनाए थे और 17 सितंबर 2025 को बिना किसी समीक्षा के सभी बोर्ड भंग कर दिए।
ग्रेवाल द्वारा बैठकों और रणनीति से जुड़े सवाल पर मंत्री ने बताया कि जिले स्तर पर किसी भी बोर्ड की एक भी बैठक नहीं हुई। तीन बोर्डों ने 9 सितंबर 2024 को बैठक की। तीन बोर्डों ने फरवरी–मार्च 2025 में बैठक की। वहीं तीन ने 2025 में की, तीन ने एक भी नहीं की।
ग्रेवाल का आरोप- समाजों के साथ धोखा
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि मंत्री के उत्तर से स्पष्ट है कि समाजों को चुनाव में गुमराह करने के लिए बोर्ड बनाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि- भाजपा पदाधिकारियों को अध्यक्ष/सदस्य बनाकर वाहन, मानदेय, ग्रह-भत्ता व दूरभाष सुविधा दी गई, लेकिन बोर्ड के काम के नाम पर एक रुपए का भी उपयोग नहीं हुआ, समाजों के युवाओं, बेरोजगारों और हितग्राहियों के लिए न कोई योजना बनी, न कोई रणनीति, न कोई चयन। ग्रेवाल ने कहा कि अप्रैल 2023 में चुनाव वर्ष में 15 समाज बोर्ड बनाए गए थे, जिनमें से 9 कौशल विकास विभाग के अधीन रखे गए।
महाराणा प्रताप, रजक समाज और तेलघानी कल्याण बोर्ड की बैठक नहीं
महाराणा प्रताप बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति ही नहीं की गई, फिर बोर्ड भंग कर दिया गया। तेलघानी और जय मीनेष बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई। रजक और वीर तेजाजी बोर्ड में चार के स्थान पर सिर्फ एक–एक सदस्य नियुक्त किया गया। कर्मचारियों की आउटसोर्स नियुक्ति उनके गठन के डेढ़ साल बाद नवंबर 2024 में हुई और अप्रैल–अगस्त 2025 के बीच उन्हें भी हटा दिया गया।