जालंधर में नगर निगम की तरफ से सिविल लाइंस में होटल पार्क प्लाजा गिराए जाने से रोकने वाले भाजपा नेताओं को सेशन कोर्ट में पेश किया गया। पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, भाजपा के सीनियर नेता मनोरंजन कालिया और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल की कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
इसी बीच पंजाब बीजेपी के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा जालंधर पहुंचे और कोर्ट रोड पर धरना दे दिया। जालंधर सेंट्रल के बीजेपी के पूर्व विधायक केडी भंडारी सहित भाजपा लीडरशिप ने कोर्ट रोड को जाम कर दिया है। पुलिस ने यहां से ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है। पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि आप सरकार बीजेपी की मोगा रैली से डरी हुई है। अब भाजपा नेताओं पर पर्चे दर्ज करवाना शुरू कर दिए हैं। मगर नेताओं को पर्चों से कोई फर्क नहीं पड़ता और वो उतने ही मजबूत होकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। सरकार अब धक्केशाही पर उतर आई है। बता दें कि पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल को जालंधर पुलिस ने मंगलवार रात को निटेन किया था। तीनों को थाना सदर में रातभर हिरासत में रखा गया। तीनों नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी काम में बाधा डाली है। दूसरी तरफ होटल गिराने के मामले में कांग्रेस, भाजपा सहित अकाली दल ने आप सरकार को घेरा है।
तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरकार पर स्वतंत्र आवाजों को दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के दिग्गज नेताओं ने एकजुट होकर इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।
राजा वड़िंग की पोस्ट- सत्ता के नशे में चूर है सरकार
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सत्ता के नशे में इतनी चूर है कि वह उन संस्थानों को निशाना बना रही है, जो सरकार की लाइन पर नहीं चलते। वडिंग के अनुसार, होटल के हिस्से को गिराने का फैसला केवल डराने की एक कोशिश है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई बताया है।
नशे और गैंगस्टरों पर दिखाएं ऐसी फुर्ती: सुनील जाखड़
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी पोस्ट कर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, भगवंत मान सरकार मीडिया की आवाज दबाने में जितनी तेजी दिखा रही है, अगर उतनी ही फुर्ती नशे और गैंगस्टरवाद को खत्म करने में दिखाई होती, तो आज पंजाब सुरक्षित होता।
जाखड़ ने कहा कि स्वतंत्र संस्थान लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके खिलाफ दमनकारी सोच रखना निंदनीय है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वे संस्थान की स्वतंत्रता के साथ मजबूती से खड़े हैं। साथ ही, उन्होंने मौके पर विरोध करने पहुंचे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की गिरफ्तारी का भी कड़ा विरोध किया।
प्रतिष्ठित संस्थानों को डराने का प्रयास: सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी होटल की फोटो के साथ पोस्ट कर लिखा- सरकार को यह बर्दाश्त नहीं है कि कोई संस्थान स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखे। अकाली दल नेता ने जोर देकर कहा कि कोर्ट जाने का समय न देना यह दर्शाता है कि यह कार्रवाई नियम के तहत नहीं बल्कि दबाव बनाने के लिए की गई है। पार्टी ने इस दौरान अपने कार्यकर्ताओं की हुई गिरफ्तारियों की भी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
यहां जानिए, क्या है पूरा मामला
बता दें कि, सिविल लाइंस स्थित होटल पार्क प्लाजा के खिलाफ नगर निगम प्रशासन और होटल मालिकों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही थी। कोर्ट से आर्डर आते ही मंगलवार शाम साढ़े 6 बजे के करीब नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच जेसीबी मशीनें और पुलिस लेकर पहुंच गई।
यहां पर आते ही होटल के सामने वाले छज्जे और दो पिल्लर पर मशीन चला दी। कार्रवाई का नेतृत्व एमटीपी मेहरबान सिंह ने किया। उनके साथ एटीपी रविंद्र सिंह, एटीपी विकास दुआ, ड्राफ्टसमेन शविंदर कौर, इंस्पेक्टर अजय कुमार शामिल रहे।
नगर निगम की ड्राइंग ब्रांच ने होटल की पैमाइश की थी, जिसमें होटल के कुछ हिस्से को अवैध बताया गया था। इसे ही गिराए जाने का दावा किया गया है। पहले भी इसे गिराने की कोशिश की गई, लेकिन कोर्ट से ऑर्डर नहीं मिल रहे थे। होटल की गिराने के मामले ने राजनीतिक रंगत ले ली।
जानकारी मिलते ही पहुंचे कई नेता
जेसीबी चलने की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजेंद्र बेरी, पार्षद शैरी चड्ढा सहित कई लोग पहुंचे। सबकी एमटीपी मेहरबान सिंह के साथ तीखी बहस हुई। पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, भाजपा के सीनियर नेता मनोरंजन कालिया और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल को हिरासत में लिया गया।
महेरबान सिंह ने कहा कि इस संबंधी सेशन कोर्ट जालंधर में सुनवाई हुई है। केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के होटल को कोई राहत नहीं दी गई। निगम कमिश्नर संदीप रिषी के आदेशों के बाद कार्रवाई करने के लिए टीम भेजी गई।