डॉ. प्रेम कुमार विधानसभा के दूसरे स्पीकर बने:सीएम ने तेजस्वी से कहा-खड़ा हो न… फिर सबसे डॉ. प्रेम को प्रणाम करवाया

विधानसभा के 88 वर्षों के इतिहास में 56 साल बाद अति पिछड़ा वर्ग के डॉ. प्रेम कुमार स्पीकर बने। वो अति पिछड़ा वर्ग के दूसरे स्पीकर हैं। इसके पहले वर्ष मार्च 1967 से मार्च 1969 तक धनिक लाल मंडल स्पीकर थे। मंगलवार को विधानसभा में डॉ. प्रेम के निर्विरोध निर्वाचन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव को कहा, खड़ा हो न.. भाई। फिर सबको कहा- खड़ा होकर इनको प्रणाम कर दीजिए। सर्वसम्मति से डॉ. प्रेम के निर्वाचन के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष को धन्यवाद भी दिया। कहा- गया टाउन से 9वीं बार विधायक बने डा.प्रेम का लंबा संसदीय अनुभव है।

डॉ. प्रेम ने विधान सभा मुख्य भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा की। महात्मा गांधी की प्रतिमा, अमर जवान ज्योति और ‘शहीद स्मारक’ पर माल्यार्पण किया। सदन में अपना पहला संबोधन गीता के श्लोक से शुरु किया,‘‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।” कहा- बिहार विधान सभा स्मार्ट लेजिस्लेटिव गवर्नेंस का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष ने आसन पर बिठाया

अख्तरुल बोले-स्पीकर सत्य के पक्षधर बनेंगे

एआईएमआईएम के नेता डॉ. अख्तरुल इमान ने डा. प्रेम से आग्रह किया। कहा- स्पीकर निष्पक्ष नहीं सत्य के पक्षधर बनेंगे। सत्ता पक्ष को अपार बहुमत मिला है। ऐेसे में उसकी ताकत की वजह से सदन में विपक्ष को नुकसान नहीं होगा, ये आशा है। राजद नेता तेजस्वी ने कहा कि हमारी किसी से दुश्मनी नही हैं। विपक्ष आईना दिखाने के लिए होता है। स्पीकर ज्यादा समय हमको देंगे।

4 दिसंबर को होगा विस उपाध्यक्ष का निर्वाचन

4 दिसंबर को विधानसभा उपाध्यक्ष का निर्वाचन होगा। निवर्तमान उपाध्यक्ष और प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव ही उपाध्यक्ष बनेंगे। स्पीकर डॉ. प्रेम ने सदन में कहा कि पिछली विधान सभा के भंग होते ही उपाध्यक्ष का पद भी रिक्त हो गया है। उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए बुधवार 12 बजे दिन तक नामांकन प्रस्ताव की सूचना दी जा सकती है।

अनंत और अमरेन्द्र छोड़ 241 सदस्यों ने शपथ ली

जदयू से जीते दो बाहुबली अनंत कुमार सिंह (मोकामा) और अमरेन्द्र कुमार पांडेय (कुचायकोट) छोड़ सभी 241 विधायकों ने शपथ ले ली। अनंत सिंह जेल में हैं। वहीं अमरेन्द्र पांडेय के भतीजे का मतदान के दिन (6 नवंबर) ही ब्रेन हेमरेज हो गया था। तब से अमरेन्द्र गोरखपुर/गुड़गांव अस्पताल में भतीजे के साथ ही है।

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