अरुणाचल प्रदेश में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार की कंपनियों को बड़ी संख्या में ठेके देने पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्ती दिखाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार के जवाब से स्पष्ट है कि सीएम के परिवार को बड़ी संख्या में काम दिया गया। यह संयोग अद्भुत है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा है। इसमें 2015 से 2025 तक सभी जिलों में खांडू और परिवार की कंपनियों के ठेकों का ब्योरा देना होगा।
याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने सरकार के पिछले हलफनामे के आधार पर कहा कि तवांग में 10 साल में 188 करोड़ रु. के 31 ठेके दिए गए। 50 लाख से कम के काम बिना टेंडर दिए जाते हैं।
सरकार कहती है कि ठेके उन कंपनियों को दिए, जिन पर लोकल लोगों का भरोसा है। ऐसी कंपनी सीएम, उनकी पत्नी की हैं, क्योंकि ये वहीं के हैं।
सभी मामलों में सिर्फ 2 कंपनियों ने टेंडर भरा। सीएम से जुड़ी कंपनी 0.01% कम दर का टेंडर देती और उसे काम मिल जाता है।
सुनवाई के दौरान की 2 बड़ी बातें…
- याचिकाकर्ता एनजीओ ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ की ओर से पेश एडवोकेट प्रशांत भूषण ने हलफनामे के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू के तत्काल परिवार के सदस्यों की फर्मों को 188 करोड़ के 31 ठेके और 2.61 करोड़ के वर्क ऑर्डर दिए गए हैं।
- भूषण ने राज्य सरकार के उस तर्क को भी कोर्ट के सामने रखा जिसमें कहा गया था कि सरकार उन कंपनियों को ठेके देना चाहती है, जिन पर लोगों को भरोसा है। मुख्यमंत्री उसी क्षेत्र से आते हैं। इसलिए उनकी और परिवार की कंपनियां भरोसेमंद मानी जाती हैं।
कोर्ट ने 8 हफ्ते में हलफनामा मांगा
बेंच ने अरुणाचल सरकार को हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने के लिए 8 हफ्ते का समय दिया है। मामले की अगनी सुनवाई 3 फरवरी को होगी। कोर्ट ने कहा कि केवल तवांग का नहीं, बल्कि सभी जिलों का ब्योरा होना चाहिए।
जानकारी 2015 से 2025 की अवधि तक की होनी चाहिए (2015 से पहले की नहीं)। उन सभी ठेकों का विवरण होना चाहिए जो मुख्यमंत्री या फिर उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी फर्मों को दिए गए हैं।
सीएम रहते 6 महीने में 3 बार पार्टी बदली
खांडू इकलौते नेता हैं, जिन्होंने 2016 में सीएम रहते छह महीने में तीन पार्टियां बदलीं। जुलाई में कांग्रेस से सीएम बने, सितंबर में पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) में आए और दिसंबर में सस्पेंड होने पर पीपीए के 43 में से 33 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होकर सीएम पद पर बने रहे।
उनका सियासी दबदबा इतना है कि कई बार उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं मिलते। 2011 और 2024 में वे मुक्तो सीट से निर्विरोध जीते। पर्यटन बढ़ावा फेस्टिवल में वे सलमान खान व किरण रिजिजू संग 10 किमी साइकिल चला चुके हैं।