दिल्ली अग्निकांड शोकसभा में BJP-AAP कार्यकर्ताओं में झड़प:धक्कामुक्की हुई, कुर्सियां फेंकी; केजरीवाल बोले- भाजपा के लोगों ने पीड़ितों से मिलने से रोका

दिल्ली अग्निकांड में मारे गए 9 लोगों की शोकसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई।

इस घटना के वायरल वीडियो में कुर्सी फेंकते और धक्का-मुक्की करते लोग दिखे। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक कुलदीप सोलंकी के गुंडो ने मुझे कुर्सी फेंककर मारी।

पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि BJP को पीड़ितों की चिंता नहीं है। कोई पीड़ितों से सहानुभूति जताने आता है तो भाजपा के लोग उनसे मिलने भी नहीं देते।

दरअसल, बुधवार को पालम इलाके की चार मंजिला इमारत में आग लग गई थी। इसमें 3 नाबालिग लड़कियों समेत 9 लोगों की जान चली गई थी।

भारद्वाज के वीडियो दिखाने के बाद विवाद शुरू हुआ

पालम अग्निकांड के बाद राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे थे। AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल के आने से पहले सौरभ भारद्वाज और बीजेपी विधायक कुलदीप सोलंकी कार्यकर्ताओं के साथ शोकसभा में पहुंचे।

इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो दिखाकर बचाव कार्य में हाइड्रोलिक मशीन फेल होने का दावा किया और प्रशासन पर सवाल उठाए। इसे लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। इससे शोकसभा का माहौल भी बिगड़ गया।

2 बच्चों को पहली मंजिल से फेंका था, लोगों ने बचाया

बुधवार को पालम के जिस चार मंजिला घर में आग लगी थी, वह राजेंद्र कश्यप का है। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक की दुकान थी और ऊपर की मंजिलों पर परिवार रहता था।

जब आग लगी तो धुआं तेजी से अंदर फैलने लगा। परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए छत और बालकनी की तरफ भागे। तभी परिवार के लोगों ने करीब दो साल के दो बच्चों को बचाने के लिए उन्हें पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया।

वहां नीचे खड़े लोगों ने उन बच्चों को संभाला, जिसके बाद दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

पड़ोसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया

पड़ोसी योगेश शर्मा ने बताया- मेरे बेटे ने इनके घर में आग लगने की खबर दी। इसके बाद हमने 102 नंबर पर कॉल किया। लेकिन आग बहुत तेज हो गई थी। मैंने जोर से परिवार को आवाज लगाई कि आप लोग छत पर चले जाइए। कुछ देर बाद एक आवाज आई कि वहां काफी धुआं भरा हुआ है।

बगल की छत पर पहुंच तोड़ी दीवार

योगेश बताते हैं- इसके बाद हमलोग साथ वाले मकान से छत पर गए, लेकिन आग इतनी ज्यादा फैल गई थी कि हमें उसे बुझाने में भी बहुत परेशानी हो रही थी। फिर हमने दीवार तोड़ी, इस सारी प्रोसेस में दो घंटे लग गए थे।

उन्होंने बताया कि इसके बाद फायर ब्रिगेड आई और परिवार के अन्य लोगों को निकाला। इससे पहले तीन लोग इमारत से नीचे कूद गए थे। किसी के हाथ में फ्रैक्चर है तो किसी को कहीं और चोट लगी है।

मरने वालों में 3 पीढ़ियों के सदस्य

पालम अग्निकांड में राजेंद्र कश्यप के परिवार के 9 सदस्यों की मौत हो गई, जिसमें तीन बच्चियां भी शामिल हैं। आग की चपेट में आने से तीन लोग घायल हुए, जबकि कुछ सदस्य बच गए।

मरने वालों में परिवार की तीन पीढ़ियों के सदस्य थे। पीड़ितों में सबसे पहले राजेंद्र कश्यप की 70 साल की पत्नी लाडो हैं। वहीं, हादसे ने उनके बेटे 38 साल के कमल, कमल की पत्नी आशु और उनकी तीन बेटियों की भी जान ले ली।

मृतकों में कमल के भाई प्रवेश, बहन हिमांशी और कमल की भाभी दीपिका भी शामिल हैं।

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