दुनिया को समझने का साहित्यिक-मंच, युवाओं के लिए खास सेशन:लिटरेचर फेस्टिवल के प्रोड्यूसर बोले- टिम बर्नर ली को जरूर सुनना चाहिए,वे शायद फिर न आएं

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) की शुरुआत 15 जनवरी से होटल क्लार्क्स आमेर में होने वाली है। फेस्टिवल प्रोड्यूसर संजॉय के.रॉय ने दैनिक भास्कर से बातचीत में फेस्टिवल की पूरी रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि युद्ध, टैरिफ वॉर, सत्ता परिवर्तन, ऊर्जा संकट और वैश्विक तनावों के बीच आज का युवा एक अनिश्चित भविष्य की ओर बढ़ रहा है। इसे समझने के लिए किताबों के साथ-साथ विचारों की जरूरत है।

19 साल की यात्रा पूरी कर चुका जेएलएफ अब सिर्फ एक साहित्यिक उत्सव नहीं, बल्कि बदलती दुनिया को समझने का वैश्विक मंच बन चुका है। यहां दुनिया भर के मुद्दों पर चर्चा होगी, और ऐसे लेखक शामिल होंगे जिन्हें सुनना हर किसी के लिए आसान नहीं होता।

युवाओं के लिए खास सेशन और लेखक

संजॉय रॉय ने बताया कि युवाओं को टिम बर्नर ली का सेशन जरूर सुनना चाहिए, क्योंकि वे पहली बार आ रहे हैं और शायद आगे कभी न आएं। मैथेमेटिक्स प्रोफेसर मार्कस डू साउती की किताब ‘ब्लू प्रिंट’ पर सेशन बेहद खास है। साइंस, टेक्नोलॉजी और इकोनॉमिक्स के सेशन भी युवाओं के लिए उपयोगी हैं। अंतरराष्ट्रीय लेखकों की सूची में हिस्ट्री पर किम घटास, प्रोफेसर जोजफिन क्विन, पंपेई पर किताब लिखने वाले रूबिन शामिल हैं। इसके अलावा अमीश त्रिपाठी, अश्विन सांघी जैसे भारतीय लेखक, क्राइम फिक्शन के कई राइटर और पुराने जमाने की एक्ट्रेस जीनत अमान भी आ रही हैं। यहां ढेर सारे सेशन होंगे जो युवाओं को प्रेरित करेंगे।

जेएलएफ को आपने ब्रांड बनाया, इस जर्नी के बारे में आप बताएं?

संजॉय ने बताया कि हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के साथ हम 14-15 साल पहले जुड़े। तरुण खन्ना ने जेएलएफ पर विशेष स्टडी की। हर साल हमने ग्रोथ की और हार्वर्ड के विशेषज्ञों ने इसे देखा। हमारा एसोसिएशन आज भी जारी है।

बांग्लादेश इस बार चर्चा में है, क्या वहां से भी राइटर आ रहे है?

संजॉय ने कहा कि इस बार बांग्लादेश चर्चा में है, लेकिन हमारा कोई खास फोकस वाला देश नहीं है। हम हर वैश्विक संघर्ष पर बात करेंगे। दुनिया में क्या बदलाव आया है, इसे समझना जरूरी है। टैरिफ वॉर, देशों के बीच युद्ध, बॉर्डर विवाद और राष्ट्रपतियों को हटाने जैसे मुद्दे दिखाते हैं कि विश्व व्यवस्था बदल रही है। युवाओं को इसे समझना होगा, क्योंकि 10-20 साल बाद जब वे जॉब मार्केट में जाएंगे, तो असलियत सामने आएगी।

अमरीकन टैरिफ को लेकर कोई सेशन है क्या?

संजॉय ने कहा कि इकोनॉमिक्स पर कई सेशन हैं, जिसमें अरविंद सुब्रमण्यम, दिवेश कपूर, तरुण खन्ना और अरुण मायरा जैसे विशेषज्ञ शामिल होंगे। हम स्टेटिस्टिक्स के आधार पर भारत पर इसका असर देखेंगे,न सिर्फ आज, बल्कि भविष्य में क्या होगा। वेनेजुएला, रूस और ईरान जैसे देशों से तेल और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। हम हर पहलू को कवर करेंगे।

म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर क्या तैयारी है, हेरिटेज नाइट कौन कर रहे हैं?

संजॉय ने बताया कि हेरिटेज नाइट आमेर में होगी, जहां ग्रैमी अवॉर्ड विजेता त्रिलोक गुर्टू परफॉर्म करेंगे। वे दुनिया के मशहूर तबला वादक हैं और उनका संगीत जादुई होगा। म्यूजिक स्टेज पर हर दिन कुछ खास होगा—केरल बैंड से लेकर रघु दीक्षित प्रोजेक्ट तक। इसके अलावा ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा के नेतृत्व में कर्नाटक संगीत समूह, भोपा समुदाय की राजस्थानी लोकगायिका भंवरी देवी, नवाचारी समूह ताल फ्राई, नागालैंड की लोकधुनों वाला आओ नागा कॉयर, और कश्मीर की संगीत विरासत से प्रेरित नवाब खान व द मंत्रा बैंड शामिल होंगे। यह फेस्टिवल साहित्य, विचार और संगीत का अनोखा मेल होगा!

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