देशद्रोह आरोपी रामपाल की जमानत पर आज HC में सुनवाई:सतलोक आश्रम प्रमुख 11 साल से जेल में बंद; सुरक्षा एजेंसियां चौकस हुई

हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट में आज देशद्रोह के आरोपी रामपाल की जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी। रामपाल पर सतलोक आश्रम में हिंसा के बाद देशद्रोह का केस लगा था। इस मामले में 980 से अधिक आरोपी हैं।

रामपाल नवंबर 2014 से जेल में बंद हैं। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी थी। इससे पहले करीब चार महीने पहले हिसार कोर्ट देशद्रोह मामले में रामपाल की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।

इसके बाद से ही रामपाल सामाजिक कार्यों में एक्टिव हुआ और खुद को किसान मसीहा बताकर सम्मानित करवा रहा है। वह हिसार, हांसी, जींद, रोहतक और झज्जर में सम्मानित हो चुका है और उसके परिजन उसकी समाजसेवा वाली छवि पेशकर हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसी रामपाल की आज हाईकोर्ट में पेशी को अलर्ट पर हैं और सोशल मीडिया सहित तमाम चीजों पर निगरानी बनाए हुए है।

14 में से 11 केसों में बरी हो चुका रामपाल

रामपाल के वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने वाले हिसार के एडवोकेट कुलदीप ने बताया कि रामपाल महाराज 2014 से जेल में बंद है। उन पर कुल 14 केस लगे थे। उनमें से 11 केस में वे बरी हो चुके हैं। 2 केस जिनका मुकदमा नंबर 429 और 430 है, उनमें हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है।

अभी देशद्रोह का मुकद्दमा नंबर 428 है। इसमें 1000 से ज्यादा लोग शामिल थे। इनमें अधिकतर की बेल हो चुकी है। आज इसी मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

19 साल पहले किया था रामपाल ने कांड

करीब 19 साल पहले रोहतक के करौंथा आश्रम में समर्थकों और आर्य समाजियों के बीच हुए संघर्ष में एक युवक की हत्या हुई थी। 14 जुलाई 2014 को रोहतक अदालत में सुनवाई थी। यह सुनवाई हिसार अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होनी थी।

इस दिन रामपाल के समर्थकों ने हिसार अदालत परिसर में उपद्रव किया। उन्होंने अदालत परिसर को घेरा, एक शीशा तोड़ा और वकीलों से मारपीट की। जिला बार एसोसिएशन ने हड़ताल कर हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना याचिका दायर की। रामपाल 2 बार अदालत में पेश नहीं हुआ।

उनके खिलाफ 10 और 17 नवंबर 2014 को गैर जमानती वारंट जारी किए गए। 17 नवंबर को भी गिरफ्तारी न होने पर हाईकोर्ट ने 20 नवंबर तक का समय दिया। 18 नवंबर को पुलिस की कार्रवाई के जवाब में रामपाल के कमांडो ने पेट्रोल बम फेंके और गोलियां चलाईं। पुलिस ने देशद्रोह समेत कई मामले दर्ज किए थे।

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