नागौर-लाडनूं नेशनल हाईवे-458 पर केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। ड्राइवर ने कूदकर जान बचाई। आग इतनी भीषण थी कि लपटें करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई दीं। प्रशासन ने हाईवे को दोनों तरफ से अस्थायी रूप से बंद कर दिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद चार दमकलों की मदद से आग पर काबू पाया गया। मौके पर छह एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात रखी गईं।
हादसा डेह में कुंजल माता मंदिर के पास बुधवार रात करीब 10 बजे हुआ।
चार दमकलों ने आग पर पाया काबू
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन चौधरी ने बताया – टैंकर पलटते ही उसमें आग भड़क उठी, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही सुरपालिया थाना पुलिस और नगरपरिषद की दमकलें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए चार दमकलों को लगाया गया।
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, हालांकि तब तक टैंकर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। गनीमत रही कि हादसे के समय आसपास कोई अन्य वाहन नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। टैंकर ड्राइवर लुकमान खान (निवासी बाड़मेर) समय रहते बाहर निकल गया, जिससे जनहानि टल गई।
हरियाणा जा रहा था केमिकल से भरा टैंकर
थानाधिकारी के अनुसार, टैंकर गुजरात के गांधीधाम से 30 टन ‘एमिके’ केमिकल लेकर सोनीपत (हरियाणा) जा रहा था। मोड़ पर ड्राइवर संतुलन खो बैठा और टैंकर पलट गया। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
घटना के बाद नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों को रोक दिया और लोगों को दूर रहने की हिदायत दी। आग बुझाने के बाद यातायात को धीरे-धीरे सुचारु किया गया।
टैंकर ड्राइवर लुकमान ने बताया
कुंजल माता मंदिर के पास सामने से एक ट्रेलर अचानक ओवरटेक करते हुए बिल्कुल सामने आ गया। उसे बचाने की कोशिश में टैंकर बेकाबू होकर पलट गया और आग लग गई। टैंकर पलटते ही उसने केबिन का शीशा तोड़कर तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।