पंजाबी सिंगर हरदीप ग्रेवाल ने ट्रोलिंग पर दिया जवाब:दीपू काकोवालिया के परिवार की मदद पर बताई पूरी सच्चाई

पंजाबी सिंगर हरदीप ग्रेवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट साझा कर उन लोगों को जवाब दिया है, जो पिछले कुछ दिनों से उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे थे। इस पोस्ट के माध्यम से उन्होंने दीपू काकोवालिया के परिवार से जुड़ी मदद और लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

  • पढ़िए, पंजाबी सिंगर हरदीप ग्रेवाल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा—बीमारी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-सत श्री अकाल।पिछले एक महीने से मैं अस्वस्थ चल रहा था, जिनमें से कुछ दिन मुझे अस्पताल में भी भर्ती रहना पड़ा। इसी दौरान दीपू काकोवालिये के परिवार से संबंधित कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।चुप्पी तोड़ने की वजह और सच सामने रखने का फैसला- मैं अब तक इस विषय पर चुप रहा, लेकिन आज इस बात को स्पष्ट करना आवश्यक समझता हूं। समय बीतने के बाद यह एहसास होता है कि उस वक्त लोग कहा करते थे कि मैं अपने ईश्वर के प्रति सच्चा हूं, लेकिन अब इस दुनिया के सामने भी सच्चा होना जरूरी है।यह पोस्ट केवल उनके लिए है जो सच में दीपू से दिल से प्रेम करते हैं।
  • दीपू के परिवार से लगातार संपर्क और मुलाकात- दीपू के संस्कार, भोग और उसके बाद भी मैं कई बार उसके परिवार से मिलने गया। जितनी बार गया, पूरे मन से गया। दीपू के पिता के पास मेरा व्यक्तिगत नंबर है और मेरे पास उनका। यदि कभी मिलना न भी हो पाए, तो फोन पर बातचीत हो जाती है।आर्थिक रूप से जितनी सहायता मुझसे संभव हुई, वह मैंने बिना किसी मांग के की। इसके अतिरिक्त, जब दीपू के पिता का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उनके पैर (फुट) की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी, तब उनकी सर्जरी करवाई गई।इसके अलावा, दीपू की माता के घुटने (नी) का मोहाली के एक अस्पताल में रिप्लेसमेंट कराया गया तथा आवश्यकता अनुसार एक सप्ताह तक फिजियोथेरेपिस्ट को घर भेजा गया।बीमारी के दौरान भी जारी रही मदद- जब मैं स्वयं बीमार था और दीपू के घर में प्लास्टर का कार्य चल रहा था, उस समय भी मेरी टीम ने वहां जाकर सहायता की।जब मैं स्वस्थ होकर दीपू के घर गया, तो मैंने कहा—अंकल, काम तो काफी बड़िया हो गया है।इस पर उन्होंने कहा—यार, रंग अभी रहने दो। बहुत दिन हो गए हैं, अब बस बैठे ही हैं।मैंने कहा—मीडिया वाले आ जाएंगे, फिर बातें मेरे ही इर्द-गिर्द होंगी।तो उन्होंने जवाब दिया—यार, तुमने लोगों से क्या लेना है? लोग तो कुछ भी कहते रहते हैं।क्या बताया जाए कि किससे क्या लेना होता है—चलो खैर।
  • आज के समय में कुछ अच्छा करके स्वयं लोगों को बताना मुझे बहुत घटिया लगता है, लेकिन मौजूदा हालात में यह जरूरी हो गया है। मेरी यही गलती रही कि मैंने पहले कभी इस विषय पर कुछ नहीं कहा।दीपू के घर में प्लास्टर और पेंट करवाने का विचार मेरे मन में लगभग दो साल पहले ही आ गया था (रब जानता है), लेकिन अत्यधिक व्यस्तता के कारण यह कार्य पहले पूरा नहीं हो सका।यह मेरी गलती है।
  • मैं अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और स्थायी आय से जुड़े मामलों को संभालने के प्रयास में व्यस्त था, कार्यालय और आधिकारिक कार्यों के चलते। जो भी किया, वह दीपू के अधिकार और उसके परिवार के हित में ही किया।
  • मैं, सभी लोगों से यह कहना चाहता हूं जिन्हें दीपू के परिवार की वास्तव में चिंता है—चिंता न करें, मैं उनके साथ हूं।
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