पलवल में एक होटल संचालक से जबरन अवैध वसूली के आरोप में चौकी प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया गया है। शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
शहर थाना प्रभारी प्रकाशचंद के अनुसार, ओमेक्स सिटी निवासी हसन ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह आल्हापुर में होटल और गेस्ट हाउस चलाता है। 17 अक्टूबर 2025 को हवलदार मनोज और एसपी सुंदर उसके होटल पर पहुंचे और कहा कि चौकी इंचार्ज प्रवीण बुला रहे हैं।
उन्होंने दिवाली के नाम पर 30 हजार रुपए की मांग की और पैसे न देने पर होटल बंद कराने की धमकी दी। पुलिसकर्मियों ने कहा कि यह रकम उनकी जेब में नहीं, बल्कि ऑफिस में मिठाई और शराब की बोतल के लिए चाहिए। डर के कारण हसन ने किस्तों में साढ़े 12 हजार रुपए दे दिए।
हर महीने 15 हजार रुपए की मांग
12 दिसंबर को चौकी प्रभारी प्रवीण दोबारा होटल पर आए और कहा कि यदि होटल चलाना है तो हर महीने 15 हजार रुपए देने होंगे। पैसे न देने पर हसन को चौकी में बुलाकर प्रताड़ित किया गया। दबाव में आकर उसने कई बार में 25 हजार रुपए की रिश्वत दी।
दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी
24 दिसंबर को होटल में एक ग्राहक और कर्मचारी के बीच विवाद हुआ। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने होटल मालिक को दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी और बचने के एवज में पैसों की मांग की। डर के कारण हसन ने अपने रिश्तेदार से पैसे उधार लेकर 10 हजार रुपए पुलिस को दिए।
होटल बंद करने पर मजबूर
लगातार अवैध वसूली और धमकियों से परेशान होकर हसन ने 31 दिसंबर को अपना होटल बंद कर दिया। उसने बताया कि उसके पास पैसों के लेनदेन के पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें उसने पेनड्राइव में डालकर शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया है।
वीडियो सबूत और कार्रवाई
हसन द्वारा दी गई पेनड्राइव में कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेने और धमकी देने की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। पीड़ित ने कहा है कि यदि उसे या उसके परिवार को कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार यही चारों पुलिसकर्मी होंगे।
तीन गिरफ्तार, चारों सस्पेंड
शहर थाना पुलिस ने चौकी प्रभारी प्रवीण, सुभाष, मनोज और सुंदर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि प्रवीण, सुभाष और सुंदर को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।