पाकिस्तान ने सोमवार को आधी रात अफगानिस्तान के तीन प्रांत खोस्त, कुनार और पक्तिका में एयरस्ट्राइक की। खोस्त पर किए गए हमले में 10 आम लोगों की मौत हो गई, जिनमें 9 बच्चे और एक महिला शामिल हैं।
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि खोस्त प्रांत के मुगलगई इलाके में रात करीब 12 बजे पाकिस्तानी विमानों ने एक घर पर बमबारी की। इस हमले में 5 लड़के, 4 लड़कियां और एक महिला की मौत हो गई।
वहीं कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान के हमले और छापेमारी में चार नागरिक घायल हो गए। अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान ने यह हमला करके इस्तांबुल में हुए सीजफायर करार को तोड़ा है।
इस घटना पर पाकिस्तान की सेना और विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पाकिस्तान खुद भी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा
यह हमला ऐसे समय हुआ जब पाकिस्तान खुद भी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था। इसी शाम पाकिस्तान के पेशावर शहर में फ्रंटियर कांस्टेबुलरी मुख्यालय पर हमला हुआ। यह मुख्यालय सैन्य कैंट क्षेत्र के पास स्थित है।
इस आत्मघाती हमले में 6 लोग मारे गए, जिनमें 3 कमांडो और 3 हमलावर शामिल हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक हमलावर खुद को चादर से ढककर पहुंचा था। उसने चौकी पर पहुंचते ही खुद को उड़ा लिया। इसमें 3 पुलिसकर्मी मारे गए।
पाकिस्तान ने पिछले महीने काबुल में बम गिराए थे
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के महीनों में तनाव काफी बढ़ा है। अक्टूबर में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई झड़पों में दर्जनों लोग मारे गए थे, जो 2021 में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद सबसे भीषण हिंसा थी।
दोनों देशों ने अक्टूबर में दोहा में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके बाद तुर्किये में हुई शांति वार्ता किसी लंबे समझौते पर नहीं पहुंच सकी। मतभेद उन उग्रवादी संगठनों को लेकर सामने आए, जिन्हें पाकिस्तान अपने खिलाफ बताता है और जो अफगानिस्तान में पनाह लेते हैं।
पाकिस्तान बार-बार अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान-तालिबान (TTP) को अपनी धरती से पाकिस्तान में हमले करने दे रहा है। हालांकि, काबुल बार-बार इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान सरकार सीधे तौर पर TTP के साथ मिलकर काम नहीं कर रही, लेकिन वह इसे रोकने के लिए भी कोई कदम नहीं उठा रही है। तालिबान सरकार को डर है कि अगर वह TTP पर सख्ती करेगी तो उसके अंदर बगावत हो सकती है।
अफगान पत्रकार शब्बीर अहमद ने बताया कि तालिबान शासन TTP को आतंकवादी संगठन नहीं, बल्कि विचारधारा के करीब और युद्धकाल के साथी के तौर पर देखता है
दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है।
डूरंड लाइन ब्रिटिश काल में भारत और अफगानिस्तान के बीच खींची गई थी। यह दोनों देशों की पारंपरिक जमीन को बांटती है और दोनों तरफ के पठान इसे कभी स्वीकार नहीं करते।