पूर्णिया में कड़ाके की ठंड के बीच नया साल गुजरेगा। 31 दिसंबर से लेकर 3 जनवरी तक अधिक ठंड पड़ेगी। 10 से 12 किलोमीटर की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चलेगी। इन 4 दिनों में सर्द से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। भारी कुहासा, बर्फीली हवा और धूप का दीदार न होने की वजह से शीतलहर जैसे हालात रहेंगे।
इससे पहले बीते 30 दिसंबर को भी जिले में ठिठुरा देने वाली ठंड रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान पूरी तरह सही साबित हुआ। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। धूप गायब रही और पूरे ही दिन बर्फीली पछुआ हवा चलती रही, जिससे लोग ठंड से ठिठुरते रहे। अगले 3 जनवरी तक सुबह और शाम लोगों को ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं।
न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच होगा
मौसम वैज्ञानिक राकेश कुमार ने बताया कि जिले में पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। हिमालय की तरफ से आने वाली सर्द हवा के कारण चौथे दिन भी जिले में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को कोल्ड डे जैसे हालत रहेंगे। दिनभर आसमान में कोहरे छाया रहेगा। 8 से 10 किमी की रफ्तार से चलने वाली सर्द पछिया हवा चलेगी।
पछिया हवा के कारण से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना है। 4 दिनों से धूप न होने की वजह से अधिकतम तापमान भी सामान्य ने लगभग 9 डिग्री नीचे खिसका हुआ है। इस दौरान जिले न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच होगा। जबकि अधिकतम तापमान 14 से 16 डिग्री के बीच बना रहेगा।
बढ़ती ठंड का असर आम जन जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। लोग सुबह और देर शाम घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही कम हो गई है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है और अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड को देखते हुए सतर्क रहें, सुबह और देर रात अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिनों तक ठंड और शीतलहर के असर को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है।