राजस्थान की सियासत में ‘मरुधरा की राजनीति’ का मिजाज कब करवट ले ले, कहना मुश्किल होता है। सोमवार रात जैसलमेर में जो कुछ हुआ, उसने सरहदी जिले की राजनीति को नई चर्चा दे दी। मौका था जैसलमेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के 39वें जन्मदिन का, लेकिन सुर्खियों में आ गया न्यू पार्टी सेलिब्रेशन के बाद सामने आया डांस का दूसरा वीडियो।
एक निजी होटल में आयोजित इस जन्मदिन समारोह में कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे। केक कटे, बधाइयों का दौर चला और फिर संगीत की धुनों पर ऐसा नजारा दिखा, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी।
जन्मदिन बना सियासी मंच
कार्यक्रम औपचारिक जन्मदिन समारोह से आगे बढ़कर राजनीतिक संदेश का मंच बन गया। अमरदीन फकीर के जन्मदिन पर 39 केक काटे गए। नेताओं ने इसे सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी का संकेत बताया।
मंच से साफ कहा गया कि कांग्रेस में अब किसी तरह की फूट नहीं है। सभी नेता एकजुट हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए साथ चलेंगे।
डांस के दूसरे वीडियो से बढ़ी चर्चा
जैसे ही होटल में संगीत शुरू हुआ, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव खुद को रोक नहीं पाए। उनके डांस करते ही माहौल हल्का और उत्साहपूर्ण हो गया। यह सीन मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, जो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया।
यह वीडियो इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि इससे पहले 31 दिसंबर की रात का उनका एक डांस वीडियो पहले ही वायरल हो चुका है। अब जन्मदिन समारोह से जुड़ा यह दूसरा वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी अलग-अलग व्याख्या की जा रही है।
तालियों के साथ दिखी ‘एकता’
डांस के दौरान पूर्व मंत्री हरीश चौधरी और पूर्व अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद तालियां बजाते नजर आए। एक ही जाजम पर बैठे नेताओं की यह तस्वीर उन चर्चाओं का जवाब मानी जा रही है, जिनमें जैसलमेर कांग्रेस को बंटी हुई बताया जाता रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने साफ संकेत दिया कि संगठन के भीतर अब पुराने मतभेद पीछे छूट चुके हैं।
एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का मैसेज
39 केक काटे जाने को भी प्रतीकात्मक बताया गया। नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ जन्मदिन नहीं, बल्कि 2026 के पंचायत और निकाय चुनाव तथा 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत है। संदेश सीधा था—कांग्रेस अब एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेगी।
खींचतान से नुकसान के बदला माहौल
जैसलमेर कांग्रेस लंबे समय तक दो धड़ों में बंटी रही है। फकीर परिवार का खेमा और धनदेव परिवार का खेमा।
पिछले चुनावों में इस आपसी खींचतान का नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा था। लेकिन जन्मदिन समारोह में दोनों गुटों के नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी को बदले हुए हालात के तौर पर देखा जा रहा है।
जिलाध्यक्ष के लिए चुनौती थी दोनों गुटों को साथ लाना
जिलाध्यक्ष बनने के बाद अमरदीन फकीर को लेकर सवाल उठते रहे कि क्या वे दोनों गुटों को साथ ला पाएंगे। सोमवार रात का आयोजन और वहां दिखी तस्वीरें इस दिशा में उनकी सफलता के तौर पर देखी जा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे संगठन को मजबूती मिल सकती है।
बाड़मेर से भी पहुंचे नेता
कार्यक्रम में जैसलमेर के साथ-साथ बाड़मेर जिले की राजनीति की झलक भी दिखी। पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद, बाड़मेर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा, जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी आदि नेताओं की मौजूदगी ने आयोजन को राजनीतिक रूप से और अहम बना दिया।