फरीदकोट की समस्त धार्मिक एवं समाजसेवी संस्थाओं की ओर से शहर में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से शुक्रवार रात इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम फरीदकोट के महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न धर्मों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रोजा खोला और सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया।
इस मौके पर शहर में भाईचारे, एकता और प्रेम का संदेश दिया गया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का काम करते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब आर्म्ड पुलिस जालंधर के एडीजीपी एमएफ फारूकी विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने आयोजकों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फरीदकोट की धरती हमेशा से भाईचारे और आपसी सद्भाव की मिसाल रही है।
विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
इस अवसर पर शहर की विभिन्न धार्मिक और समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रधान दिलावर हुसैन ने सभी का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत पर बल दिया। कार्यक्रम में समाजसेवी प्रवीण काला, डॉ चंद्रशेखर कक्कड़,नवदीप सिंह बराड़,प्रिंसिपल दलबीर सिंह,अशोक सच्चर,कैप्टन धर्म सिंह गिल,रविंदर सिंह बुगरा,सुखदेव शर्मा आदि भी शामिल रहे।
दूसरे के धर्म की भावनाओं का सम्मान अति आवश्यक-एडीजीपी
पंजाब आर्म्ड पुलिस के एडीजीपी एमएफ फारूकी ने कहा कि इफ्तार जैसे कार्यक्रम समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग जब एक साथ बैठकर इस तरह के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं तो इससे समाज में प्रेम, शांति और आपसी समझ बढ़ती है। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म में मजबूती से रहना चाहिए लेकिन दूसरे धर्मों की भावनाओं का भी सम्मान भी अतिआवश्यक है। उन्होंने कहा कि फरीदकोट के सभी समुदाय पिछले कई वर्षों से मिलजुल इफ्तार जैसे आयोजन कर रहते हैं और यही पंजाब की असली पहचान है।