हरियाणा के फरीदाबाद में चलती ट्रेन में एक सुखद नजारा देखने को मिला है। श्री माता वैष्णो देवी कटरा से आ रही ट्रेन में एक महिला ने बेटी को जन्म दिया। यह महिला की प्रीमैच्योर (समय से पहले) डिलीवरी थी, क्योंकि महिला केवल 8 माह की ही गर्भवती थी।
इसके बाद भी ट्रेन में मौजूद दूसरी महिलाओं ने गर्भवती की पीड़ा देखकर सीट पर पर्दा लगाया और खुद ही उसकी डिलीवरी करवा दी। बाद में रेलवे विभाग को सूचना देकर ट्रेन स्टेशन पर रुकवाई गई और महिला व उसकी बच्ची को अस्पताल ले जाया गया।
महिला का नाम अभिलाषा है। वह अपने पति जवाहर लाल के साथ ट्रेन में सफर कर रही थी। यह दंपती मध्यप्रदेश में पन्ना जिले के गांव सिटौली का रहने वाला है।
रेलवे अधिकारी ने यह जानकारी दी…
- पति के साथ सफर कर रही थी महिला: यह घटना जम्मू-कश्मीर से मध्यप्रदेश जा रही श्री माता वैष्णो देवी कटरा 11450 जबलपुर एक्सप्रेस में घटित हुई। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया है कि महिला कटरा से ही अपने पति के साथ ट्रेन में चढ़ी थी। महिला और उसका पति जम्मू-कश्मीर में रहते थे और काम करते थे।
- डिलीवरी के लिए गांव जा रहा था जोड़ा: अधिकारी के मुताबिक, महिला 8 माह की प्रेग्नेंट थी। उसकी कभी भी डिलीवरी हो सकती थी। इसलिए, उसका पति उसे लेकर अपने गांव जा रहा था। शुक्रवार दोपहर को इनकी ट्रेन दिल्ली पहुंची। यहीं से महिला को हल्का दर्द शुरू हुआ।
- तुगलकाबाद स्टेशन निकलने के बाद तेज दर्द हुआ: रेलवे अधिकारी ने बताया- तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पार होने के बाद महिला का दर्द बढ़ गया। उस असहनीय पीड़ा हुई तो पति के आग्रह पर S-5 कोच में आसपास मौजूद दूसरी महिलाएं उसके पास आ गईं। उन्होंने गर्भवती को देख समझ लिया कि इसकी डिलीवरी होने वाली है, लेबर पेन शुरू हो गया है।
- दूसरी महिलाओं ने कराई डिलीवरी: अधिकारी के अनुसार, महिलाओं ने अपने थैलों ने से जो भी चादर, शॉल या कंबल मिले, सभी को इकट्ठा किया और प्रेग्नेंट महिला को पर्दा किया। आसपास की सीटों से लोगों को हट जाने को कहा और उन्हें दूसरी ओर भेज दिया। इसके बाद कुछ अनुभवी महिलाओं की मदद से ट्रेन में गर्भवती की डिलीवरी करवाई गई।
26 मिनट तक ट्रेन को स्टेशन पर रोका गया
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही रेलवे हरकत में आया। किसी यात्री ने रेलवे कंट्रोल रूम नंबर 139 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद ट्रेन को ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर रोका गया। महिला के लिए ट्रेन 26 मिनट तक स्टेशन पर रुकी थी।
रेलवे मेडिकल के महिला स्टाफ ने मौके पर आकर मां और बेटी के नाड़े को काटकर सुरक्षित किया। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी महिला पुलिसकर्मियों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस के जरिए बीके अस्पताल पहुंचाया गया। अब महिला और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
अधिकारी ने बताया है कि महिला अभी अस्पताल में है। उसकी जरूरी मेडिकल प्रक्रिया पूरी की गई। आज उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।