गोरखपुर में सरकारी टीचर को नन्हीं बच्चियों के साथ बैड टच के आरोप में अरेस्ट किया गया है। 56 वर्षीय स्कूल टीचर क्लास 4-5 में पढ़ने वाली छात्राओं को अश्लील वीडियो और फोटो दिखाकर गंदा काम करता था। पीड़ित बच्चियों ने बताया- टीचर होमवर्क देने के बहाने बुलाता था और उनके साथ गंदा काम करता था। मना करने पर मारता-पीटता था। वह धमकी देता था कि किसी को बताया तो और मारेंगे।
बच्चियों से जानकारी होने पर जब माता-पिता ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। लेकिन स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने के बाद मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा।
इसके बाद आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कर टीचर नवल किशोर (56) को बुधवार को अरेस्ट कर लिया गया। मामला बेलघाट थानाक्षेत्र का है। पीड़ित पक्ष ने 26 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी जबकि 31 दिसंबर को गिरफ्तारी हुई।
अब जानिए पूरा मामला….
बेलघाट थानाक्षेत्र के एक गांव के सरकारी स्कूल में 45 छात्र-छात्राओं का एडमिशन है। यहां क्लास 3-4 में पढ़ने वाली छात्राओं ने अपने टीचर नवल किशोर पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। छात्राओं ने कहा- पिछले कई दिनों से टीचर हम लोगों को देखकर मुस्कुराता रहता था। गंदे-गंदे इशारे करता।
इसके बाद जब मौके मिलता तब अकेले में हमें बारी-बारी से होमवर्क देने के बहाने अपने पास बुला लेता। फिर हमें फोन में न्यूड फोटो और वीडियो दिखाता। साथ ही बैड टच भी करता। गलत तरीके से कपड़ों में हाथ डालता है। जब हम लोग ऐसा करने से मना करते तो वह डांटता था।
रोज-रोज बुलाकर अश्लील हरकतें करने लगा
छात्राओं ने कहा- पिछले कई दिनों से रोज-रोज टीचर किसी न किसी बहाने से अपने पास बुलाने लगा। इसके बाद वह गंदी हरकत करता था। रोज-रोज की हरकतों से परेशान होकर हम लोगों ने हिम्मत जुटाई और अपने मम्मी-पापा को सारी बात बता दी। इसके बाद पापा ने टीचर से पूछा तो उसने साफ मना कर दिया।. बोला वह ऐसा कुछ नहीं करता है।
पुलिस ने हिरासत में लेकर छोड़ा
इसके बाद मम्मी-पापा ने थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बाद पुलिस ने औपचारिकता निभाते हुए आरोपी टीचर को हिरासत में लिया। लेकिन बिना मुकदमा दर्ज किए उसे छोड़ दिया।
इससे छात्राओं और उनके परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। उनका कहना है कि आरोपी की रिहाई के बाद बच्चों पर दबाव बढ़ गया और वे मानसिक रूप से टूटने लगीं। परिजनों का आरोप है कि किसी भी स्तर के अधिकारी ने इस संवेदनशील मामले पर खुलकर स्थिति स्पष्ट नहीं की।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर एफआईआर दर्ज
परिजनों ने कहा- न तो समय से एफआईआर दर्ज की गई और न ही यह बताया गया कि आरोपी टीचर को अरेस्ट क्यों नहीं किया गया। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो एक सप्ताह बाद पुलिस हरकत में आई।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर आनन-फानन में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं।
एसपी साउथ दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके साथ ही टीचर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है। गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।