कंगना रनोट की बुजुर्ग महिला पर की गई टिप्पणी के मामले में आज बठिंडा कोर्ट में सुनवाई हो रही है। यह केस 2021 के किसान आंदोलन से जुड़ा है, जब कंगना ने सोशल मीडिया पर बठिंडा की 87 वर्षीय महिला किसान महिंदर कौर को लेकर टिप्पणी की थी।
इसमें उन्होंने महिला की तुलना शाहीन बाग आंदोलन की दादी बिलकिस बानो से करते हुए कहा था कि ये 100-100 रुपये लेकर प्रदर्शन के लिए आती हैं। महिंदर कौर ने इस टिप्पणी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करवाया था।
अदालत ने पहले कई बार कंगना को समन जारी किए, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुईं। कंगना के वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की अर्जी भी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब कोर्ट ने कंगना को 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। वह दो बजे के बाद अदालत में पेश होंगी।
आज की सुनवाई की स्थिति
- बठिंडा की अदालत ने कंगना रनोट को 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
- कंगना के वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा पेशी की अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
- अदालत ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अगर पेशी में अनुपस्थिति रही तो गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
कंगना रनोट ने इस मामले को रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी दी थी, मगर दोनों जगह से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि ट्वीट में कंगना ने सिर्फ री-ट्वीट नहीं किया, बल्कि मशहूर बुजुर्ग महिला के लिए अलग से टिप्पणी भी जोड़ दी थी। इसलिए मामला ट्रायल कोर्ट में है और अब कंगना को आज कोर्ट में सफाई पेश करनी है।
पुराना मामला: क्या था विवाद
- यह केस 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है, जब कंगना रनोट ने बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर की फोटो को शेयर करते हुए ट्विटर (अब X) पर टिप्पणी की थी।
- कंगना ने महिंदर कौर की तुलना शाहीन बाग आंदोलन की दादी से की थी और ट्वीट में यह कहा था कि ये 100 रुपये में उपलब्ध होती हैं।
- इस टिप्पणी के बाद महिंदर कौर ने अपने सम्मान को नुकसान पहुंचाने की बात कहते हुए बठिंडा कोर्ट में मानहानि का केस किया।
- कंगना ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका डाली थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया( सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली।