बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों के आतंक के बीच गुरुवार देर शाम वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली। कैसरगंज वन रेंज में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने 9वें भेड़िए को मार गिराया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भेड़िया जैसे ही आबादी की ओर बढ़ा, वन विभाग के शार्प शूटर ने उसे गोली मार दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
गुरुवार शाम रेंजर ओंकार यादव अपनी टीम के साथ कैसरगंज वन रेंज के भिरगू पुरवा गांव के पास नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान झाड़ियों के बीच एक भेड़िया दिखाई दिया। टीम ने पहले उसे घेरकर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन भेड़िया अचानक गांव की दिशा में बढ़ने लगा। हालात की गंभीरता को देखते हुए शूटर को अलर्ट किया गया और तत्काल गोली चलाने का फैसला लिया गया।
वन अधिकारियों के मुताबिक, अगर भेड़िया गांव में घुस जाता तो जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका थी।
11 मासूमों सहित 13 लोगों की जान ले चुका है आतंक
कैसरगंज और आसपास के इलाकों में सितंबर से दिसंबर के बीच आदमखोर भेड़ियों के हमलों ने पूरे जिले को दहशत में डाल दिया था। इन हमलों में अब तक 11 मासूम बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है। गांवों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता था, लोग बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। लगातार हो रही मौतों के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद तेज हुआ अभियान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अगर भेड़िए पकड़ में न आएं और आबादी के लिए खतरा बनें, तो उन्हें शूट किया जाए। इसके बाद वन विभाग ने शार्प शूटरों के साथ विशेष अभियान शुरू किया। ड्रोन, कैमरा ट्रैप और गश्ती टीमों के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 9 आदमखोर भेड़ियों को मारा जा चुका है।
शुक्रवार को होगा पोस्टमॉर्टम
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सुंदरेशा ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भेड़िया आबादी की ओर जा रहा था, इसलिए उसे गोली मारनी पड़ी। भेड़िए का शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, ताकि यह पुष्टि हो सके कि वह आदमखोर झुंड का ही हिस्सा था या नहीं। उन्होंने कहा कि इलाके में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है और जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, अभियान जारी रहेगा।
गांवों में राहत, लेकिन डर अभी बाकी
9वें भेड़िए के मारे जाने के बाद गांवों में कुछ हद तक राहत जरूर है, लेकिन लोगों का कहना है कि जब तक आखिरी भेड़िया पकड़ा या मारा नहीं जाता, तब तक चैन नहीं मिलेगा। वन विभाग का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, फिर भी टीमें लगातार इलाके में गश्त कर रही हैं।