बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की भारी जीत के बाद नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बांका की अमरपुर विधानसभा सीट से NDA समर्थित JDU प्रत्याशी जयंत राज ने लगातार दूसरी बार प्रचंड जीत दर्ज की है। JDU के युवा नेता जयंत राज ने कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह को 33 हजार से अधिक मतों से हराया। उन्हें कुल 1,03,797 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 70,589 मत प्राप्त हुए।
जयंत राज की इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके दोबारा मंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज है। साल 2020 में पहली बार विधायक बनने के बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में जगह दी थी। वे उस समय बिहार सरकार के सबसे युवा मंत्री बने थे और 5 सालों में ग्रामीण कार्य सहित 3 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
भागलपुर विश्वविद्यालय के मारवाड़ी कॉलेज से हुई शिक्षा
जयंत राज की शिक्षा भागलपुर विश्वविद्यालय के मारवाड़ी कॉलेज से हुई है, जहां उन्होंने स्नातक के साथ-साथ BBA की पढ़ाई भी की। उनकी पत्नी का नाम शिल्पी सुरभि है और उनके 2 बच्चे हैं।
पिता जनार्दन मांझी 2 बार अमरपुर के विधायक रह चुके
अमरपुर विधानसभा में कुशवाहा, राजपूत, यादव और मुस्लिम वोटरों की बड़ी संख्या है, जिनमें विशेष रूप से कुशवाहा समाज का मजबूत समर्थन जयंत राज को मिलता रहा है। उनके पिता और जदयू के वरिष्ठ नेता जनार्दन मांझी 2 बार अमरपुर के विधायक रह चुके थे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते थे। 2020 में उन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत बेटे को सौंपते हुए टिकट दिलवाया था।
जयंत राज को 2020 के चुनाव में जीत के बाद मंत्री बनाया गया
2020 के चुनाव में जीत के बाद जयंत राज को मंत्री बनाया गया था, लेकिन मंत्री बनने के कुछ समय बाद ही उनके पिता का निधन हो गया। इसके बावजूद जयंत राज ने राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई और इलाके में मजबूत जनाधार कायम रखा।
20 नवंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के बाद नए मंत्रिमंडल की तस्वीर साफ होगी। ऐसे में जयंत राज को एक बार फिर मंत्री पद मिलने की उम्मीदें अपने चरम पर हैं।