भोपाल में कैफे पर हमला, तीन थानों की पुलिस जुटी:दो संदेहियों को उठाया, रंजिश की आशंका; सीसीटीवी वीडियो आया सामने

भोपाल के मिसरोद में मैजिक स्पॉट कैफे में मंगलवार रात हुए हमले को लेकर पुलिस अब रंजिश के एंगल पर काम कर रही है। इस मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत में डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह ने कई अहम बातें साझा कीं।

कैफे में 20 से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने तलवार-डंडों से जमकर तोड़फोड़ की थी। घटना दो मिनट से भी कम समय में अंजाम दी गई और सीसीटीवी फुटेज रातभर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।

डीसीपी विवेक सिंह के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह साफ दिख रहा है कि हमलावरों की मंशा लूटपाट नहीं थी। वे सीधे कैफे में घुसे, तोड़फोड़ की और भाग निकले। इससे पुलिस को रंजिश की आशंका लग रही है। उन्होंने कहा

  • हमारा शुरुआती आकलन कहता है कि रंजिश जैसी स्थिति लग रही है। क्योंकि न लूट हुई, न कोई सामान छीना- सिर्फ तोड़फोड़ कर निकल गए।
  • कैफे संचालक सक्षम गिरि रंजिश की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे, लेकिन उन्होंने एफआईआर में 2–3 नाम संदेही के तौर पर लिखाए हैं।

    दो संदेही उठाए, लगातार पूछताछ

    विवेक सिंह ने बताया कि एफआईआर में जिन नामों का जिक्र था, उनमें से दो को राउंड अप कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। हमने 2 संदेहियों को उठाया है।उनके बयान लिए जा रहे हैं। अभी वजह स्पष्ट नहीं है, रंजिश थी या कोई पुराना विवाद, इसकी पड़ताल की जा रही है।

    तीन थानों की संयुक्त टीमें लगीं

    हमले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने तीन थानों की संयुक्त टीमें लगाई हैं। जिसमें मिसरोद, बागसेवनिया और कटारा हिल्स शामिल हैं विवेक सिंह ने बताया, तीनों थानों की टीमें अलग-अलग एंगल पर जांच कर रही हैं, फुटेज, शक के आधार, रूट मैप, और संभावित विवादों पर काम चल रहा है।

    नकाबपोश बदमाशों की पहचान में कठिनाई, कुछ क्लू मिले

    हमलावरों ने अपने चेहरे बांध रखे थे, जिससे पहचान में दिक्कत हो रही है।लेकिन पुलिस को कुछ क्लू मिले हैं, जिन पर टीमें काम कर रही हैं। इसका कहना है कि चेहरे ढंके होने से पहचान साफ नहीं हो रही।लेकिन हमें कुछ सुराग मिले हैं,जिन पर तेजी से वर्क किया जा रहा है।

    कैफे संचालक ने कुछ नामजद अज्ञात पर मामला दर्ज कराया

    सक्षम गिरि ने योगी, निखिल, अभिषेक समेत पांच नामजद और अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई है।सक्षम के अनुसार, उन्होंने इन आरोपियों के बारे में कोई ठोस कारण नहीं बताया है, जिससे पुलिस के लिए घटना के मूल विवाद तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।

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