महाशिवरात्रि पर 26 घंटे दर्शन देंगे बाबा विश्वनाथ:प्रोटोकॉल- स्पर्श दर्शन पर रहेगी रोक, 10 लाख श्रद्धालु आने का अनुमान; आरती का शेड्यूल जारी

भगवान शिव के पावन पर्व महाशिवरात्रि को लेकर काशी नगरी एक बार फिर भोलेनाथ के जयकारों से गूंजने को तैयार है। 15 फरवरी को मनाए जाने वाले इस अलौकिक पर्व पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख काशी विश्वनाथ धाम में भव्य आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना है।

मंदिर प्रशासन ने पर्व को लेकर मंगला आरती से लेकर चार प्रहर की आरतियों तक का विशेष शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 15 फरवरी की सुबह मंगला आरती के साथ बाबा विश्वनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे और दर्शन अगले दिन 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक अनवरत जारी रहेंगे। इस तरह लगभग 26 घंटे से अधिक समय तक श्रद्धालु लगातार बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे।

चार प्रहर की विशेष आरतियां, झांकी दर्शन की व्यवस्था

महाशिवरात्रि के पावन दिन पर बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंगला आरती और भोग आरती के पश्चात इस बार सप्तर्षि श्रृंगार, शयन आरती के स्थान पर अलग-अलग चार प्रहर की आरतियों का आयोजन किया जाएगा। इन आरतियों के दौरान श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन की सुविधा मिलेगी, ताकि अधिक से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर सकें।

प्रोटोकॉल दर्शन रहेगा बंद

भीड़ की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने इस बार प्रोटोकॉल दर्शन और सुगम दर्शन की व्यवस्था को बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि जैसे विशेष पर्वों पर हर वर्ष की तरह इस बार भी केवल झांकी दर्शन की ही व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालु क्रमबद्ध तरीके से दर्शन कर मंदिर परिसर से बाहर निकलते रहेंगे।

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