देहरादून में त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सरकार से पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा में उठाए जा रहे कदम और ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में अब तक हुई जांच की रिपोर्ट तलब की है।
साथ ही आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा में उचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। आयोग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही मानवाधिकारों का उल्लंघन मानी जाएगी और इस पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने जारी किया नोटिस
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में राज्य सरकार से अब तक की गई जांच की पूरी रिपोर्ट तलब की है। जबकि आयोग ने भविष्य में ऐसी घटना ना हो उसके लिए सरकार द्वारा किए जाए जा रहे प्रयासों का ब्योरा भी मांगा है।
यही नहीं आयोग ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन और राज्य के डीजीपी दीपम सेठ को उत्तराखंड में पढ़ने वाले पूर्वोत्तर के छात्रों को प्राथमिकता के साथ सर्वोच्च सुरक्षा देने के संबंध में भी निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग भी जारी कर चुका नोटिस
मामले को लेकर नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट यूनियन ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग को पत्र लिखा था। आयोग ने संज्ञान लेते हुए 23 दिसंबर को एफआईआर दर्ज करने में कथित लापरवाही को लेकर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक, देहरादून के डीएम और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया था। जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर में हत्या के प्रयास की धाराएं जोडी थीं।
5 पॉइंट्स में पढ़िए ऐंजल चकमा हत्याकांड की पूरी कहानी
- देहरादून की मार्केट में गाली-गलौज: 9 दिसंबर 2025 की शाम 6 से 7 बजे के बीच ऐंजल चकमा, जो जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर का छात्र था, अपने छोटे भाई माइकल चकमा (उत्तरांचल यूनिवर्सिटी) के साथ सेलाकुई इलाके में एक शराब के ठेके के बाहर खड़े थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उनके रंग-रूप को लेकर टिप्पणी शुरू की। आरोप है कि आरोपियों ने ‘नेपाली’, ‘चाइनीज’, ‘चिंकी’ और ‘मोमोज’ जैसे नस्लीय शब्दों का इस्तेमाल किया।
- विरोध करने पर भाई को पीटा, ऐंजल ने रोका: आरोपी नशे की हालत में थे और पहले उन्होंने ऐंजल के छोटे भाई माइकल को पीटा। भाई को पिटता देख ऐंजल बीच में आया तो आरोपियों ने माइकल को छोड़ ऐंजल को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। दोनों भाइयों पर कड़े से भी कई वार किए गए।
- पेट में चाकू घोंपा, मौके से भागे: लड़ाई के दौरान बदमाशों ने एंजेल की गर्दन पर कई बार कड़े से वार किया। इसके बाद उन्होंने ऐंजल के पेट में चाकू घोंप दिया। हमलावरों ने दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी भी दी। एंजेल की गर्दन पर हुए घातक वार के कारण खून जमा होने लगा और उनकी हालत गंभीर हो गई। दोनों भाइयों को सड़क पर पड़ा छोड़ सभी वहां से भाग गए।
- 17 दिनों तक अस्पताल में चला इलाज: हमले के बाद माइकल एंजेल को ग्राफिक एरा अस्पताल ले गया। जहां पर उसे भर्ती कराया गया। कई हफ्तों तक इलाज चलता रहा। ऑपरेशन के बाद उसे आईसीयू और फिर वैंटिलेटर पर रखा गया। लेकिन वो बच नहीं सका। 26 तारीख की सुबह करीब 4 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- 5 दिन बाद ही पुलिस ने 5 को किया गिरफ्तार: घटना के अगले दी यानी 10 दिसंबर को ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। जिसके 4 दिन बाद 14 दिसंबर को पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में दो नाबालिग एक मणिपुर व एक नेपाली युवक शामिल है। उत्तराखंड पुलिस के अनुसार अभी मुख्य आरोपी फरार है जो नेपाल भाग गया है। पुलिस के अनुसार उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।