यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा बुधवार से जिले के 98 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई। इस बार परीक्षा की के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका में नोट, पर्ची या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलती है, तो संबंधित कक्ष निरीक्षक को भी जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षार्थियों को स्पष्ट रूप से सूचित किया जाए कि उत्तर पुस्तिका में किसी प्रकार की सामग्री रखना अनुशासनहीनता मानी जाएगी।
जिले में 77,270 परीक्षार्थी, दो पालियों में परीक्षा
जिले में इस वर्ष कुल 77,270 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है।
• पहली पाली: सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक
• दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक
पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा हिंदी विषय से शुरू हो रही है। परीक्षा 12 मार्च तक चलेगी।
ड्यूटी में लापरवाही पर वेतन रोकने तक की कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित रहने या लापरवाही करने पर विभागीय कार्रवाई होगी और वेतन रोकने और निलंबन तक की कार्रवाई की जा सकती है ।सभी केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सचल दल प्रभारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि प्रत्येक पाली में केंद्रों का निरीक्षण किया जाए। लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से भी निगरानी हो रही है । जिले में अलग से कंट्रोल रूम बनाए गए है साथ ही सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
नकल रोकने के लिए खास इंतजाम
• 98 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा
• सचल दल की लगातार निगरानी
• उत्तर पुस्तिकाओं की सख्त जांच
• केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों की जवाबदेही तय
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सभी स्तरों पर सख्त निगरानी की जा रही है।