यूपी में सबसे ज्यादा 12 लाख वोटर लखनऊ में कटे:2 लोकसभा में अब 27.94 लाख मतदाता, सरोजनी नगर विधानसभा में 70 हजार कम हुए

लखनऊ में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट जारी हो गई है। इसमें 12 लाख 138 नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। यह संख्या जिले के कुल मतदाताओं का 30.04 प्रतिशत है। यानी कि राजधानी में हर तीसरा मतदाता अब वोटिंग सिस्टम का हिस्सा नहीं रहा है।

SIR डाटा के अनुसार लखनऊ जिले में कुल 39,94,535 मतदाता पहले से एनरोल्ड थे। इनमें 27,94,397 पुरुष और 12,82,242 महिला मतदाता शामिल हैं। लेकिन गहन सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम अलग-अलग कारणों से सूची से कट गए।

5.13 लाख वोटर लखनऊ से बाहर शिफ्ट हुए

रिपोर्ट में सामने आया है कि लखनऊ से स्थायी रूप से बाहर शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की संख्या 5,13,855 है, जो कुल मतदाताओं का 13.41 प्रतिशत है। यानी हर सातवां वोटर अब लखनऊ का निवासी नहीं रहा। अधिकारियों और चुनाव विश्लेषकों के मुताबिक, रोजगार, पढ़ाई, ट्रांसफर और शहरी पलायन इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं

4.27 लाख वोटर अनट्रेसेबल

SIR में दूसरी सबसे बड़ी और चिंताजनक श्रेणी अनट्रेसेबल मतदाताओं की है। राजधानी में 4,27,705 वोटर (10.71%) ऐसे पाए गए, जिनका भौतिक सत्यापन के दौरान कोई ठोस पता नहीं मिल सका। यह श्रेणी प्रशासनिक व्यवस्था और मतदाता प्रबंधन पर सीधे सवाल खड़े करती है।

पहले से एनरोल्ड और अन्य कैटेगरी का ब्योरा

डाटा के अनुसार 49,046 वोटर (1.23%) पहले से किसी अन्य स्थान पर एनरोल्ड पाए गए, जबकि 59,290 वोटर (1.48%) को ‘अन्य’ कैटेगरी में रखा गया है। इसके अलावा 3.21 प्रतिशत वोटरों को तकनीकी या विशेष श्रेणी में दर्ज किया गया। इन सभी को जोड़ने पर लखनऊ में कुल 12,00,138 मतदाता सूची से बाहर हुए, जो कुल मिलाकर 30.04 प्रतिशत बैठता है।

चुनावी गणित पर पड़ेगा सीधा असर

वरिष्ठ पत्रकार आशीष सिंह ने बताया कि कि इतनी बड़ी संख्या में वोटरों के बाहर होने से राजधानी का चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है। कम वोटर वाले चुनाव में संगठित और कोर वोट बैंक को फायदा मिल सकता है, जबकि बिखरे समर्थन वाली पार्टियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर शहरी सीटों पर जीत-हार का अंतर बेहद कम रहने की आशंका है।

1. ड्राफ्ट सूची में नाम कैसे चेक करें? – आप अपना नाम 3 तरीके से चेक कर सकते हैं। पहला- बूथ लेवल ऑफिसर के पास उपलब्ध मतदाता सूची से, ECINET मोबाइल ऐप से और ceouttarpradesh.nic.in या voters.eci.gov.in के जरिए। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाएं। राज्य और जिला चुनें। इसके बाद अपना विधानसभा क्षेत्र सेलेक्ट करें। अपना बूथ सेलेक्ट करें और ड्राफ्ट सूची डाउनलोड कर लें।

2. ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न हो तो क्या करें? – आप फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। नए मतदाताओं को भी फॉर्म-6 भरना होगा।

3. कौन-सा फॉर्म कब भर सकते हैं, क्या ऑनलाइन भी भर सकते हैं? – फॉर्म 6A, 7, 8 का भी ऑप्शन है। विदेश में रहते हैं और नाम जुड़वाना चाहते हैं तो फॉर्म 6A भरना होगा। अगर नाम हटवाना है तो फॉर्म 7 भरना होगा। निवास बदलना है या सुधार करवाना है तो फॉर्म 8 भरना होगा। हां, ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं।

4. आवेदन पत्र कहां से मिलेंगे, कहां जमा होंगे? – बूथ लेवल अधिकारी, तहसील में मतदाता पंजीकरण केंद्र (VRC) या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in से मिलेंगे। फॉर्म भरकर बूथ लेवल अधिकारी, तहसील में VRC पर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप या http://voters.eci.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

5.पहली बार वोट डालने के योग्य हुए तो क्या करें? – ऐसे युवा जो 1 जनवरी 2026 को 18 साल के हुए हैं, उन्हें फॉर्म 6 भरकर जमा करना होगा। अब तक 15,78,483 फॉर्म-6 मिल चुके हैं। जांच के बाद नाम जोड़े जाएंगे।

6. कब तक फॉर्म भर सकेंगे, अंतिम सूची कब आएगी? – ड्राफ्ट मतदाता सूची 6 जनवरी को जारी हुई। दावा-आपत्तियां 6 फरवरी तक की जा सकती हैं। नोटिस और दावों का निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक होगा। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी होगी।

7. फॉर्म भरकर जमा करने के बाद क्या होगा? – 6 जनवरी से लेकर 6 फरवरी 2026 तक दावा-आपत्ति के बाद 27 फरवरी तक जांच की जाएगी। 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इसे जांचेंगे।

8. क्या ड्राफ्ट सूची के नाम भी कट सकते हैं? – अगर कोई आपत्ति करता है तो संबंधित वोटर को नोटिस जारी किया जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर बीएलओ क्रॉस चेक करेगा। आपत्ति सही पाई गई तो नाम अंतिम सूची से काट दिया जाएगा।

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