यूपी में सोमवार को सीजन का पहला घना कोहरा पड़ा। पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, श्रावस्ती, बलरामपुर, महाराजगंज समेत 20 जिलों में घना कोहरा छाया है।10 मीटर दूर भी कुछ नजर नहीं आ रहा है। गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई है।
वहीं, गोरखपुर, कुशीनगर, मेरठ, गाजियाबाद समेत 35 जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। इन शहरों में विजिबिलिटी 500 मीटर से भी कम पहुंच गई। पश्चिम में अरब सागर की तरफ से हवाएं नमी लेकर आ रहीं हैं। इससे पूर्वी यूपी में शीतलहर और बढ़ेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूनतम पारा 2 डिग्री तक गिरेगा।
प्रदेश में रविवार को अयोध्या सबसे ठंडा शहर रहा। पारा 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इटावा में 6.6 डिग्री और बलिया में 7.4 डिग्री पारा रहा। माैसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों में भी एक-दो दिन में बर्फबारी होने का अलर्ट है। ऐसे में नमी हवाओं के साथ ठंडी हवाएं आएंगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ेगी
- मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दिसंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के मौसम में तेज बदलाव दर्ज किया जा रहा है।
- पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बढ़ी है। मैदानी राज्यों में कड़ाके की ठंड और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
- उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और कई चक्रवाती प्रसार अगले दिनों में मौसम को और अधिक परिवर्तित कर सकते हैं।
दिसंबर के अंत में पाला पड़ने की आशंका
- कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर केएस यादव ने बताया- दिसंबर महीने के अंत में या फरवरी महीने की शुरुआत में सबसे अधिक पाला पड़ने की आशंका होती है। जब पाला पड़ता है तो उसके लिए जो ओस की बूंद होती है। पेड़ों का पानी होता है। तापमान कम होने पर बर्फ के रूप में परिवर्तित हो जाता है। फसल को नुकसान होता है।
- किसान भाई अगर आपकी फसल में स्प्रिंकलर से या सीधा पाइप के माध्यम से खेत की सिंचाई कर देते हैं तो इसे अंदर का तापमान गर्म हो जाता है फिर पाला का असर नहीं होता है। इसमें सब्जी छोटी पौधों और चना मसूर की फसल का बचाव होता है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, जब तापमान अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता है।