योजनाओं में कितना पैसा बांटा, बताएगी सरकार:फाइनेंस ने विभागों से मांगे बजट भाषण के प्रस्ताव, अतिक्रमण हटाने, शहर झुग्गीमुक्त करने का ब्यौरा देंगे

राज्य सरकार ने प्रदेश में अलग-अलग योजनाओं में कितना पैसा एक साल में बांटा है और कितने लोगों को रोजगार देने का काम किया गया है, इसकी जानकारी देने के लिए विभागों से कहा गया है। साथ ही शहरों को झुग्गीमुक्त बनाने के लिए क्या कार्यवाही हुई है, इसकी भी जानकारी मोहन यादव सरकार राज्य के नागरिकों को मार्च में पेश होने वाले बजट में देगी। विभाग यह भी बताएंगे कि अगले साल सरकार का राजस्व बढ़ाने को लेकर उनकी क्या प्लानिंग है?

इन बिन्दुओं के साथ वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट की तैयारी में जुटे वित्त विभाग ने सभी विभागों से बजट भाषण में शामिल किए जाने वाले प्रस्तावों की जानकारी 15 जनवरी तक भेजने को कहा है। इसमें सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों से कहा गया है कि नई योजनाओं की जानकारी भी इसमें शामिल किया जाना है। इसलिए विभागवार नई योजनाओं की डिटेल भी भेजना है।

यह जानकारी देंगे हर विभाग

  • वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक विभाग के कुल बजट में से कितनी राशि खर्च हुई। विभाग में संचालित योजनाओं के लक्ष्य व उपलब्धि की क्या स्थित रही।
  • विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या तथा कितना पैसा खर्च हुआ, यह बताना होगा।
  • मध्यप्रदेश में केन्द्र प्रवर्तित योजना एवं केन्द्रीय क्षेत्रीय योजनाओं की स्थिति व प्रगति कैसी है।
  • विभाग में कौन सी नई योजनाएं शुरू की जानी है, उसका तथ्यात्मक ब्यौरा देना होगा।
  • विभागों द्वारा पर्यावरण, वन, भूमि एवं जल स्रोतों का बेहतर प्रबंधन व संरक्षण के लिए किए गए काम बताने हैं।
  • नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा की क्या प्रगति है, इसकी जानकारी देना है।
  • जन-स्वास्थ्य, कुटीर व ग्रामोद्योगों के विकास व संरक्षण के लिए क्या कार्यवाही की गई।
  • औद्योगिक नीति व निवेश प्रोत्साहन, ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व की धरोहरों व पर्यटन स्थलों का संरक्षण व संवर्धन, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा के लिए क्या कार्रवाई हुई है।

गोवंश संरक्षण, गौ-चर भूमि और अतिक्रमण हटाने पर देंगे रिपोर्ट

विभागों से कहा गया है कि बजट भाषण के लिए गौ-वंश संवर्धन एवं संरक्षण, गौ-चर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी दी जाए। साथ ही शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई कार्रवाई और कितनी भूमि तथा कितने मूल्य की भूमि अतिक्रमण से मुक्त हुई है, इसका ब्यौरा भी देना होगा। यह जानकारी 15 जनवरी से पहले भेजनी है।

शहरों को झुग्गीमुक्त बनाने पर बताएंगे कार्रवाई

वित्त विभाग ने निर्देश दिए हैं कि झुग्गीमुक्त मध्यप्रदेश के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी दी जाए। इसके साथ ही सुगम ग्रामीण परिवहन, ई-परिवहन, नागरिक सुविधाओं के लिए विज्ञान एवं तकनीक के उपयोग तथा शासकीय कर्मचारियों के कल्याण के लिए की गई कार्रवाई का विवरण भी देना होगा। छोटे और मझोले उद्यमों के विकास के लिए किए गए कार्य, विशेष उपलब्धियां, नवाचार और राजस्व वृद्धि से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी मांगी गई है। आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए विभागों द्वारा किए गए प्रयासों का ब्यौरा भी देना होगा।

शासकीय नियुक्तियों के पद और श्रेणीवार विवरण देंगे

विभागों को पूर्व वित्तीय वर्षों और वर्तमान वर्ष में अब तक कितने युवाओं को रोजगार दिया गया, इसकी जानकारी देनी होगी। शासकीय नियुक्तियों का पदवार, श्रेणीवार, वेतनमान सहित कुल विवरण भी प्रस्तुत करना होगा। साथ ही श्रमिक एवं प्रवासी श्रमिकों के कल्याण, थर्ड जेंडर, निराश्रित एवं बेघर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विशेष पिछड़ी जनजातियों, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा ‘विकसित भारत @2047’ के लिए किए जा रहे प्रयासों और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों पर अभिमत भी मांगा गया है।

विभागों से चर्चा के लिए बदला गया समय

वित्त विभाग ने प्रदेश के 32 विभागों के साथ विभागवार बजट प्रस्तावों पर होने वाली चर्चा के कार्यक्रम में बदलाव किया है। पहले ये बैठकें 12 जनवरी से 22 जनवरी तक प्रस्तावित थीं, लेकिन अब इन्हें 19 जनवरी से 29 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इन बैठकों में अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी बजट प्रस्तावों पर अपना अंतिम अभिमत देंगे।

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