पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। इस दौरान सीमांचल से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। साथ ही लोकसभा क्षेत्र की सामरिक, सामाजिक और रणनीतिक अहमियत से रक्षा मंत्री को अवगत कराया।
सांसद ने कहा कि पूर्णिया सीमांचल का प्रमुख प्रशासनिक-सामाजिक केंद्र होने के साथ-साथ नेपाल सीमा और उत्तर-पूर्व भारत के निकट स्थित होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते रहे हैं और यहां भूतपूर्व सैनिकों की भी मजबूत मौजूदगी है, जो राष्ट्र सेवा की सशक्त परंपरा को दर्शाती है।
शहीद स्मारक के निर्माण की मांग
सांसद पप्पू यादव ने रक्षा मंत्री के समक्ष पूर्णिया और आसपास के इलाकों में रक्षा से जुड़े संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा। सैनिक स्कूल, सेना भर्ती पूर्व-प्रशिक्षण केंद्र, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का विस्तार, सैन्य कैंटीन (CSD), ECHS पॉलीक्लिनिक या सैन्य अस्पताल, DRDO की फील्ड यूनिट रक्षा अनुसंधान केंद्र, NCC प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और शहीद स्मारक या वीर स्मृति स्थल के निर्माण की मांग की। सांसद ने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की सामरिक क्षमता भी मजबूत होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। इसी मुलाकात में सांसद ने पूर्णिया-दिल्ली हवाई सेवा को 19 से 26 जनवरी तक अचानक बंद किए जाने का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया। कहा कि उड़ान रद्द होने से सबसे अधिक नुकसान छात्रों, मरीजों और कामकाजी लोगों को होगा। पढ़ाई और इलाज के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों को अब लंबी और कठिन रेल या सड़क यात्रा करनी पड़ेगी, जो आम जनता के लिए बड़ी परेशानी है।
मांग करते हुए कहा कि 19 से 26 जनवरी के बीच उड़ान का शेड्यूल समायोजित कर संचालन जारी रखा जाए, इंडिगो से कैंसिलेशन के लिखित कारण मांगे जाएं और यात्रियों को मुआवजा, री-बुकिंग की सुविधा सुनिश्चित हो। साथ ही भविष्य में किसी भी एकल-सेवा रूट को पूरी तरह बंद करने से पहले पूर्व अनुमति को अनिवार्य बनाने और DGCA स्तर पर यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष सेल गठित करने की मांग भी रखी। सांसद पप्पू यादव ने विश्वास जताया कि रक्षा मंत्री के हस्तक्षेप से सीमांचल-कोसी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी और क्षेत्रीय विकास की रफ्तार बनी रहेगी।