आज मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार में दही-चूड़ा भोज के साथ सियासत भी दिख रही है। इस अवसर पर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है। यह पूरा कार्यक्रम जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की ओर से आयोजित किया जा रहा है, जिसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
आज सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस भोज में शामिल हुए। उनके साथ राज्यपाल सहित जेडीयू और NDA के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री भी भोज में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
बीजेपी दफ्तर में भी भोज, दोनों डिप्टी सीएम समेत कार्यकर्ता जुटे
पटना बीजेपी दफ्तर में दोनों डिप्टी सीेएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दीप प्रज्जवलित कर भोज कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान
बीजेपी दफ्तर पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा-तेजस्वी यादव जी विपक्ष की भूमिका निभाएं। विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद पर बैठे हैं, तो उनको जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभनी चाहिए। बिहार की जनता ने जो उन पर विश्वास किया है, उनके विश्वास पर कम से कम खरा उतरना चाहिए और थोड़ा विदेश का दौरा कम करना चाहिए। सदन की कार्यवाही में भी शामिल होना चाहिए।
देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और पार्टी के अध्यक्ष हम सभी को अपने मार्गदर्शन में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इस पर बीजेपी का हर युवा कार्यकर्ता खुदको गौरवान्वित महसूस कर रहा है। ये लोकतंत्रिय पध्दति सिर्फ बीजेपी में ही दिखाई पड़ता है। परिवारवाद को यह तमाचा है कि बीजेपी देश की जमीन से जुड़ा कार्यकर्ता को शिखर तक पहुंचा देता है। यह हर मां भारती की सन्तानों के लिए गर्व का विषय है।
तेजप्रताप के भोज में पहुंचे लालू यादव-राज्यपाल
तेजप्रताप के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज पर सभी की नजरें टिकी हैं। तेजप्रताप के भोज में लालू यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, बड़े मामा प्रभुनाथ यादव और चेतन आनंद भी पहुंचे हैं।
इस भोज में पहुंचे लालू यादव ने कहा कि वो तेजप्रताप से नाराज नहीं है। वो परिवार के साथ ही रहें। तेजप्रताप के बीजेपी में जाने के सवाल पर कहा कि, बेटे को हमेशा आशीर्वाद रहेगा।
प्रदेश की जनता को मकर संक्रांति की बधाई- रत्नेश सदा
मकर संक्रांति के अवसर पर रत्नेश सदा के घर पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया है। इस मौके पर रत्नेश सदा ने प्रदेश की जनता और मीडिया कर्मियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, ‘पिछले 3 साल से हम दही चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं। 2 बार हमने निजी तौर पर आयोजन किया।
मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्री बनाने पर बोले रत्नेश सादा
खरमास खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार और उनके मंत्री बनाने के सवाल पर रत्नेश सदा ने कहा, ‘हम कबीर और नीतीश जी के अनुयायी हैं। कबीर की वाणी है- बिन मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख। माननीय मुख्यमंत्री ने 2023 में हमको अकेले मंत्री पद का शपथ दिलवाया था। तब से UPSC में भी पूछा जाता है कि देश में ऐसे कौन से मंत्री हैं, जिन्होंने अकेले मंत्री पद की शपथ लिया है।’
आरसीपी सिंह की वापसी पर श्याम रजक का बड़ा बयान
जेडीयू में आरसीपी सिंह की संभावित वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर फुलवारी शरीफ से विधायक श्याम रजक ने बड़ा बयान दिया है। श्याम रजक ने कहा कि, ‘आरसीपी सिंह कभी जेडीयू से अलग कब थे, वो बात अलग है। यदि वे पार्टी में आते हैं तो उनका स्वागत है।’ उनके इस बयान के बाद जेडीयू की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।