FSDA और शासन की 14 टीमों ने मंगलवार को लखनऊ के 7 मॉल में छापा मारा। लुलु मॉल में स्थित लुलु हाईपर मार्केट और डबरू द चाप को बंद कराया। सिनेपॉलिस मॉल के केएफसी आउटलेट में गंदगी मिली। सुधार होने तक इसका संचालन रोक दिया गया।
टीमों ने सभी मॉल के कुल 61 प्रतिष्ठानों की जांच की, जिनमें से तीन में बड़ी खामियां मिलीं। लुलु हाईपर मार्केट की जांच में पता चला कि खाद्य पदार्थों की मैन्युफैक्चरिंग की तारीखों में हेरफेर किया गया है। इन तारीखों में बदलाव किया गया है, जिससे एक्सपायरी डेट आगे बढ़ जाए। प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी मानक के रूप नहीं मिला।
खामियों में सुधार होने तक मार्केट को बंद
जांच टीम ने खामियों में सुधार होने तक मार्केट को बंद कराया। मॉल में स्थित डबरू द चाप आउटलेट संचालक लाइसेंस ही नहीं दे सके। जांच में पता चला कि आउटलेट बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहा था। लिहाजा उसको तत्काल बंद कराया गया।
सिनेपॉलिस मॉल के केएफसी में गंदगी मिली। अफसरों ने संचालक को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द साफ-सफाई कर आउटलेट में सुधार करें। तब तक के लिए आउटलेट के संचालन पर पाबंदी लगाई गई है।
इन मॉल में हुई कार्रवाई
लखनऊ के प्रतिष्ठित मॉल्स लूलू, पलासियो, फीनिक्स, सिनेपोलिस, एमराल्ड, वेव और फन रिपब्लिक के फूड कोर्ट्स में रॉ मटेरियल, प्रोसेसिंग, स्टोरेज, मशीनरी, हाइजीन और सेनेटरी कंडीशन की जांच की गई।फूड हैंडलर्स की व्यक्तिगत स्वच्छता, इनग्रेडिएंट्स का मानकों के अनुरूप उपयोग और लाइसेंस/पंजीकरण की स्थिति की भी जांच की हुई।
कहां-कहां मिली कमी
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में लेबलिंग, मैन्युफैक्चरिंग डेट, लाइसेंस प्रवर्ग के अनुरूप विवरण अंकन, दस्तावेजों की कमी और स्वच्छता से जुड़ी खामियां सामने आईं। इन मामलों में खाद्य नमूने एकत्र किए गए। कुछ प्रतिष्ठानों में स्थिति संतोषजनक भी पाई गई, जबकि अन्य को त्वरित सुधार के निर्देश दिए गए।
सैंपल, नोटिस और निर्देश
पूरे अभियान में कुल 63 निरीक्षण किए गए, 58 खाद्य नमूने एकत्रित हुए और 34 प्रतिष्ठानों को सुधार सूचनाएं जारी की गईं। इसके अलावा दो प्रतिष्ठानों को पंजीकरण श्रेणी से लाइसेंस श्रेणी में परिवर्तन के निर्देश भी दिए गए, ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। FSDA अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।