पंजाब के 9 जिलों इस समय बाढ़ की चपेट में है जिसे लेकर लुधियाना में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। रात करीब 3 बजे से हो रही लगातार बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सड़कों और गलियों में लबालब पानी भर गया है। सीवरेज लाइनें ओवरफ्लो होने के कारण लोगों के घरों में पानी बैक आ रहा है। बरसात के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर के दमोरिया पुल के पास पार्किंग एरिया में दीवार गिरने से करीब 3 से 4 कारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
पानी के तेज बहाव के कारण सतलुज दरिया के आसपास के इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
इन इलाकों में भरा पानी
लुधियाना महानगर के कई इलाके भारी पानी में डूब चुके हैं, जिनमें हरगोबिंद नगर, गणेश नगर, जनकपुरी, चौड़ा बाजार, किचलू नगर, सलेम टाबरी, बुड्ढा दरिया, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, समराला चौक, चंडीगढ़ रोड, सेक्टर 32, 39, जमालपुर, लिंक रोड, गिल रोड, फिरोजपुर रोड और पंजपीर रोड शामिल हैं। पानी भरने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कत हो रही है और कई वाहन खराब भी हो गए हैं।
बारिश ने निगम प्रशासन की पोल खोल दी है। ढोका मोहल्ले में 3 से 4 फुट पानी भरने से लोगों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। महानगर के अंडरपास भी लबालब भरे हुए हैं। पानी की निकासी के लिए निगम ने मशीनें लगाई हुई हैं।
DC बोले- बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार
डिप्टी कमिश्नर हिमांशू जैन पहले ही मीडिया में कह चुके है कि बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। कर्मचारियों और अधिकारियों को आदेश दिए गए है कि वह लगातार सतलुज दरिया पर नजर बनाकर रखें।
नगर निगम और एक्सईएन ड्रेनेज की टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं कि क्रमशः शहर और जिले में जल-जमाव न हो। आसपास की पंचायतों को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है और कहा गया है कि कोई भी तटबंध के पास न जाए।
गणेश चतुर्थी पर सतलुज नदी में मूर्ति विसर्जन से बचें
हाल ही में आई बाढ़ और चल रहे मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए, लुधियाना जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। गणेश चतुर्थी का पवित्र त्योहार श्रद्धा और उत्सव का समय है। परंपरागत रूप से भगवान गणेश की मूर्ति का जल स्रोत में विसर्जन एक महत्वपूर्ण रस्म है। हालांकि, इस वर्ष हमें असाधारण परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
सतलुज नदी में पानी का स्तर बहुत ऊंचा है और हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण नदी के किनारे तक पहुंचने या विसर्जन करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
तेज बहाव सबसे कुशल तैराकों को भी बहा सकता है और नदी के किनारे नरम और अस्थिर हैं, जिससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का उच्च जोखिम है। इसलिए, डिप्टी कमिश्नर के रूप में, मैं हर नागरिक, हर परिवार और हर गणेश उत्सव समिति से अपील करता हूं कि इस वर्ष सतलुज नदी में मूर्तियों के विसर्जन से बचें।